भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवंबर तक भव्य राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। ‘विरासत से विकास’ की थीम पर आयोजित होने वाले इस समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 नवंबर को शाम 6:30 बजे करेंगे। तीन दिवसीय आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, देशभक्ति कार्यक्रमों, कृषि प्रदर्शनी, विद्यार्थी सम्मान और किसान कल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा।
सांस्कृतिक गौरव यात्राओं से होगी शुरुआत
राज्योत्सव के पूर्व-रंग के रूप में 30 और 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से भोपाल के प्रमुख मार्गों पर भव्य सांस्कृतिक गौरव यात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के 400 से अधिक लोक एवं जनजातीय कलाकार अपनी कला और संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे।
देशभक्ति गीतों और आतिशबाजी से होगा शुभारंभ
1 नवंबर को समारोह की शुरुआत ‘देशराग’ कार्यक्रम के अंतर्गत 71 बच्चों के सामूहिक वंदे मातरम् गायन और पुलिस बैंड की प्रस्तुति से होगी। इस अवसर पर लाल परेड ग्राउंड में भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी। स्थापना दिवस की पहली सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मोनाली ठाकुर अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से समां बांधेंगी।
मेधावी विद्यार्थियों और विजेता किसानों का सम्मान
स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा 102 मेधावी छात्र-छात्राओं को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चयनित विद्यार्थियों को मंच से एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति-पत्र देंगे।
वहीं, किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के प्रदेशभर के 165 विजेता किसानों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसके तहत किसानों को 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर प्रदान किए जाएंगे।
कृषि प्रदर्शनी और विकास की झलक
लाल परेड ग्राउंड में 2 और 3 नवंबर को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक विशेष कृषि प्रदर्शनी आयोजित होगी। इसमें उन्नत बीज, जैविक इनपुट, आधुनिक कृषि यंत्र, स्मार्ट सिंचाई तकनीक, एग्री स्टार्टअप और कृषि क्षेत्र के नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा।
समारोह परिसर में ‘विरासत से विकास’, ‘जन-कल्याण एवं विकास’ और 160 चित्रों पर आधारित ‘राजाभोज का भोपाल’ प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही किसान बाजार और महिला उद्यमिता मंडप में प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की बिक्री की जाएगी।
देशज व्यंजनों और लोक संस्कृति का संगम
राज्योत्सव में नागरिकों को प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर भी मिलेगा। इसके लिए ‘स्वाद-देशज व्यंजन मेला’ लगाया जाएगा।
समारोह के दूसरे दिन, 2 नवंबर को शाम 6:30 बजे से विभिन्न लोक एवं जनजातीय नृत्यों के साथ ‘अनुगूँज’ वाद्य संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
मामे खान की प्रस्तुति के साथ होगा समापन
तीन दिवसीय राज्योत्सव का समापन 3 नवंबर की शाम अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक गायक मामे खान की प्रस्तुति के साथ होगा। जैसलमेर के प्रसिद्ध लोक गायक अपनी ऊर्जावान गायिकी और लोकप्रिय राजस्थानी लोकगीतों से समारोह की अंतिम संध्या को यादगार बनाएंगे।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा, कृषि नवाचारों और जनकल्याणकारी पहलों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा।
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