नई दिल्ली: इंटरपोल की तरह भारत का भी अपना एक प्लेटफॉर्म हो गया है। अब विदेश में छिपने वाले भारत के दुश्मनों की खैर नहीं होगी  विदेश में छिपे मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों पर नकेस कसने के लिए ‘भारतपोल’ आ गया है। आज  ‘भारतपोल’ पोर्टल की शुरुआत हो गई है।  इस पोर्ट को सीबीआई ने डेवलप किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज सुबह 10.30 बजे भारत मंडपम में ‘भारतपोल’ पोर्टल लॉन्च  किया।  यहां सीबीआई डायरेक्टर समेत सभी राज्यों के पुलिस चीफ मौजूद रहे।

भारतपोल’ पोर्टल से जांच एजेंसियों को साइबर और फायनेंशियल समेत अन्य क्राइम में इंटरनेशनल पुलिस से तुरंत मदद मिलेगी। भारतपोल पोर्टल से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस को भी मदद मिलेगी। जांच एजेंसियां और राज्यों की पुलिस विदेश भागे अपराधियों और क्राइम से जुड़ी जानकारी इंटरपोल से मांग सकेंगी। इस पोर्टल के जरिए CBI किसी केस की जांच में मदद के लिए इंटरपोल के अन्य सदस्य देशों की जांच एजेंसियों से भी जानकारी मांग सकेगी। साथ ही अन्य देशों की सहायता के लिए क्राइम डेटा और खुफिया जानकारी शेयर भी कर सकती है। इस पोर्टल से सुरक्षित भारत बनाने का सपना पूरा होगा।

कैसे काम करेगा यह पोर्टल

भारतपोल’ से राज्यों के पुलिस बल और अन्य केंद्रीय कानून लागू करने वाली एजेंसियों को इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पुलिस की मदद के लिए वास्तविक समय में सूचना साझा करने की सुविधा मिलेगी।  इस पोर्टल में सभी जांच एजेंसियां और सभी राज्यो की पुलिस प्रमुख शामिल होंगे। इस पोर्टल से किसी भी तरह की आतंकवादी वारदात, संगीन क्राइम, नार्को, साइबर क्राइम में वांटेड अपराधी तक पहुंचना और आसान हो जाएगा। साथ ही देश से भागने वाले अपराधियों पर इस पड़ताल के द्वारा नज़र रखी जाएगी। इंटरपोल की तर्ज पर ही सीबीआई ने भारतपोल नाम से एक कॉमन पोर्टल तैयार किया है।

क्या है भारतपोल पोर्टल

भारतपोल अत्याधुनिक ऑनलाइन मंच ‘भारतपोल’ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों को विदेश में छिपे भगोड़े व्यक्तियों या अन्य मामलों के बारे में इंटरपोल से सूचना मांगने के लिए अपने अनुरोध भेजने की सुविधा देगा।  साइबर अपराध, वित्तीय अपराध, ऑनलाइन माध्यम से कट्टरपंथ को बढ़ावा, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी आदि सहित अंतरराष्ट्रीय अपराधों की बढ़ती संख्या के कारण आपराधिक जांच में त्वरित और वास्तविक समय पर अंतरराष्ट्रीय सहायता विकसित करने की आवश्यकता महसूस की गई। यह भारतपोल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों के कामकाज को सुविधाजनक बनाएगा। सीबीआई भारत का राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो है, जो इंटरपोल से संबंधित मामलों के लिए जिम्मेदार है। इंटरपोल के माध्यम से सीबीआई भारत में अपराध या अपराधियों की जांच में सहायता के लिए इंटरपोल के अन्य सदस्य देशों की समान एजेंसियों से आवश्यक जानकारी मांग सकती है।  साथ ही अन्य देशों की सहायता के लिए आपराधिक डेटा और खुफिया जानकारी साझा कर सकती है।

अक्सर वांटेड अपराधी किसी भी तरह का क्राइम मसलन आतंकवादी गतिविधि, साइबर क्राइम, बैंक फ्रॉड जैसे क्राइम करके देश छोड़कर विदेश भाग जाते हैं और विदेश से बैठकर भारत में क्राइम करवाते हैं और ऐसे में अभी तक अगर किसी भी एजेंसी को किसी वांटेड अपराधी को वापस लाना होता है तो उसके प्रत्यर्पण के लिए वह एजेंसी सीबीआई को मेल या चिट्ठी के जरिए संपर्क करती है ,ऐसे में खबर लीक होने का खतरा रहता है। इसी खतरे को कम करने के लिए भारतपोल मददगार साबित होगा।

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