पब्लिक फर्स्ट। उत्तर प्रदेश। राघवेंद्र त्रिपाठी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के 2441 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी संरचनात्मक एवं शैक्षणिक सुविधाओं के सशक्तीकरण हेतु प्रोजेक्ट अलंकार का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य विद्यालयों में छात्रों के समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सुसज्जित वातावरण तैयार करना है।
प्रमुख विशेषताएं:
• 35 मानकों पर विद्यालयों का भौतिक और शैक्षणिक विकास जैसे स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, बहुउद्देशीय कक्ष, खेल मैदान, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, पीने के पानी की सुविधा आदि।
• कुल अनुमानित लागत ₹1357 करोड़ जिसमें ₹1028 करोड़ राज्यांश, ₹124 करोड़ समग्र शिक्षा फंड, ₹89 करोड़ CSR, ₹68 करोड़ पंचायत एवं स्थानीय निकायों, तथा ₹48 करोड़ सामुदायिक सहभागिता से प्राप्त।
• वर्ष 2021 में परियोजना प्रारंभ, वर्ष 2025 तक 100% विद्यालयों तक पहुँचने का लक्ष्य।
• 1500 मॉडल स्कूलों के विकास की योजना जिनमें कक्षा 1 से 12 तक आधुनिक सुविधाएं, ICT लैब, लाइब्रेरी, आर्ट-कला कक्ष, स्मार्ट क्लास, सौर ऊर्जा और जल संरक्षण की व्यवस्था शामिल होगी।
• अब तक राज्य सरकार द्वारा ₹1028.89 करोड़ की राशि व्यय की जा चुकी है।
उल्लेखनीय प्रगति:
• केवल दो वर्षों (2022-24) में माध्यमिक विद्यालयों में छात्र पंजीकरण में 23% की वृद्धि।
• पुस्तकालय उपयोग में 55.2% तथा बालिकाओं हेतु शौचालय सुविधा में 54.4% सुधार।
यह परियोजना न केवल छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार तैयार कर रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को “सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक अवस्थापना” वाले राज्यों की अग्रणी पंक्ति में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
