पब्लिक फर्स्ट । भोपाल । पुनीत पटेल ।

भोपाल में 23 जुलाई 2025 को “विकसित भारत@2047” और रोजगार आधारित शिक्षा विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित हुई, जिसका उद्घाटन प्रातः 10:30 बजे हुआ।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षा को भविष्य की औद्योगिक और तकनीकी ज़रूरतों के अनुरूप ढालना और युवाओं को कौशलयुक्त, रोजगारपरक शिक्षा प्रणाली प्रदान करना रहा।

प्रमुख विशेषताएं:

मुख्य वक्ता: डॉ. ए.सी. पांडे (निदेशक, आईयूएसी, नई दिल्ली)

तकनीकी सत्रों के विषय:

  • अभियांत्रिकी (Engineering)
  • जीवन-विज्ञान (Life Sciences)
  • कौशल विकास (Skill Development)
  • रोजगार (Employment)
  • सामाजिक विज्ञान (Social Sciences)

सीधा प्रसारण:

कार्यशाला को दूरदर्शन, फेसबुक लाइव, ट्विटर, और यूट्यूब जैसे डिजिटल माध्यमों पर लाइव दिखाया गया, जिससे देशभर के विद्यार्थी, शिक्षक और शैक्षिक संस्थान इससे जुड़ सके।

निर्देश सभी संस्थानों को:

उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे कार्यशाला का अपने परिसरों में सीधा प्रसारण सुनिश्चित करें और विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करें।

उद्देश्य और विजन:

यह कार्यशाला भारत सरकार के “विकसित भारत@2047” विजन के तहत शिक्षा को रोजगार के केंद्र में लाने की पहल है। इसका मुख्य फोकस है:

  • शिक्षा को उद्योगों की मांग के अनुरूप बनाना।
  • कौशल आधारित पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना।
  • युवाओं को IT, Green Energy, Health, Agriculture, और Startups जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना।
  • भारत को 2047 तक वैश्विक ज्ञान और रोजगार शक्ति बनाना।

निष्कर्ष:

यह कार्यशाला शिक्षा नीति में नवाचार, समावेशिता और व्यावहारिकता को जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है। यह राष्ट्रीय विमर्श भारत के युवाओं को न केवल नौकरी पाने योग्य बनाएगा, बल्कि उन्हें रोजगार सृजनकर्ता भी बनाएगा।

publicfirstnews.com

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