प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य ने न सिर्फ इस योजना को तेजी से लागू किया, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता के साथ इसे हर लाभार्थी तक समय पर पहुंचाने में भी सफलता पाई है।
गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने वाली इस केंद्रीय योजना के बेहतर क्रियान्वयन के चलते छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। इस सफलता के पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर के अधिकारियों तक के सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार जच्चा और बच्चा के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
ऐसे मिली सफलता
योजना की सफलता के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की गई और लाभार्थियों के पंजीयन पर विशेष ध्यान दिया गया। वर्ष 2023-24 में 1,75,797 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जो 2024-25 में बढ़कर 2,19,012 हो गया। वहीं 2025-26 में फरवरी तक 2,04,138 महिलाओं का पंजीयन हो चुका है, जो लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है। रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदनों को तेजी से मंजूरी देने पर जोर दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा फॉर्म भरने, पर्यवेक्षकों द्वारा सत्यापन और परियोजना अधिकारियों द्वारा स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज किया गया। कुल आवेदनों में से 83 प्रतिशत का परीक्षण कर उन्हें भुगतान के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया, जबकि स्वीकृति दर 83.87 प्रतिशत रही।
शिकायतों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकतर शिकायतें भुगतान से संबंधित थीं, जिन्हें प्राथमिकता के साथ सुलझाया गया। राज्य ने 93 प्रतिशत शिकायतों का समाधान कर देश में पहला स्थान हासिल किया, हालांकि केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 7 प्रतिशत शिकायतें 30 दिनों से अधिक समय तक लंबित रहीं।
तीन वर्षों का आंकड़ा
पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में कुल 5,98,947 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन हुआ, जिनमें से 5,40,624 को स्वीकृति मिल चुकी है।
योजना का लाभ
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जबकि दूसरी बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है। यह राशि तीन किश्तों में दी जाती है—रजिस्ट्रेशन पर 1,000 रुपये, छह माह बाद 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म व टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
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