हरियाणा की राजनीति में गुरुग्राम से आया एक बयान इस वक्त बड़े सियासी विवाद का कारण बन गया है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को गुरुग्राम से चुनाव लड़ने का सुझाव दिए जाने के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
दरअसल, राव नरबीर सिंह ने कहा था कि अहीरवाल क्षेत्र की लंबे समय से यह इच्छा रही है कि मुख्यमंत्री इसी क्षेत्र से हो। उन्होंने मुख्यमंत्री सैनी से गुरुग्राम से चुनाव लड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों की यह इच्छा पूरी हो सकती है।
राव नरबीर सिंह ने यह भी कहा कि वे स्वयं मुख्यमंत्री नहीं बन सके और पार्टी भी उन्हें यह अवसर नहीं देगी। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री गुरुग्राम से चुनाव लड़ते हैं, तो अहीरवाल क्षेत्र को अपना मुख्यमंत्री मिल सकेगा।
अपने बयान में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि वे रोहतक के रहने वाले होने के बावजूद करनाल से चुनाव लड़कर मुख्यमंत्री बने, जिसके बाद करनाल के लोग उन्हें अपना मानने लगे। इसी तर्ज पर अहीरवाल क्षेत्र भी अपनी पहचान के साथ मुख्यमंत्री चाहता है।
हालांकि, इस बयान के बाद कांग्रेस नेता वर्धन यादव ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने वीडियो जारी कर राव नरबीर सिंह पर अहीरवाल के शौर्य और स्वाभिमान का अपमान करने का आरोप लगाया।
वर्धन यादव ने कहा कि अहीरवाल को किसी “इंपोर्टेड मुख्यमंत्री” की जरूरत नहीं है और यहां की जनता स्थानीय नेतृत्व को ही प्राथमिकता देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान से क्षेत्र की राजनीतिक अस्मिता को ठेस पहुंची है।
इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण हरियाणा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र हमेशा नेतृत्व देता रहा है और जब भी यहां से मुख्यमंत्री बनेगा, वह अहीरवाल का ही होगा।
वर्धन यादव ने राव नरबीर सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के बयान के कारण जनता भविष्य में उन्हें स्वीकार नहीं करेगी।
फिलहाल, इस बयान ने हरियाणा की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
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