राष्ट्रीय चेतना और ओजस्वी काव्यधारा के अमर रचनाकार रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर प्रदेशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिनकर जी को नमन करते हुए उनके साहित्यिक योगदान और राष्ट्रभक्ति से प्रेरित विचारों को स्मरण किया।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दिनकर जी की रचनाएं केवल साहित्य नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली विचारधारा हैं। ‘रश्मिरथी’ और ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से उन्होंने स्वाभिमान, संघर्ष और राष्ट्रधर्म का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी का साहित्य आज भी युवाओं को सत्य, साहस और आत्मगौरव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उनके शब्दों में राष्ट्रप्रेम, आत्मसम्मान और सामाजिक चेतना की गूंज स्पष्ट दिखाई देती है।

दिनकर जी हिंदी साहित्य के ऐसे स्तंभ माने जाते हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी से देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता को नई दिशा दी। उनकी कविताएं आज भी हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर जी का साहित्य भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना की अमूल्य धरोहर है।

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