मध्य प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, सुगम और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार जल्द ही “सुगम परिवहन सेवा योजना” शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बेहतर लोक परिवहन केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास की जीवन रेखा है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्रामीण नेटवर्क विस्तार, महिला सुरक्षा और नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। यह योजना दो चरणों में लागू की जाएगी।
योजना के तहत प्रदेश को 7 परिवहन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) और रीवा (शहडोल सहित) शामिल हैं।

सरकार ने पहले चरण के लिए क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्गों की विभागीय अधिसूचना भी जारी कर दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो वर्षों में किया जाएगा। इसके साथ ही सभी बसों की मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक और इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी स्थापित किया जा रहा है।

पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के 121 मार्गों पर 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों पर 371 बसें और भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों पर 398 बसें संचालित की जाएंगी।
सरकार का दावा है कि इस योजना से न केवल लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी, बल्कि रोजगार, व्यापार और ग्रामीण कनेक्टिविटी को भी नई गति मिलेगी। खास बात यह भी होगी कि योजना के तहत चलने वाली सभी बसों का रंग एक जैसा रखा जाएगा, जिससे प्रदेश में एकीकृत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की पहचान बनेगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षित, सस्ती और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
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