पब्लिक फर्स्ट।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के US दौरे से कई उम्मीदें जताई जा रही हैं, फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका के उस ड्रोन की हो रही है जो कि बेहद शक्तिशाली है।

अब से सिर्फ कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं। पीएम मोदी का ये दौरा पिछले कई दौरों से बिल्कुल अलग होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सशक्त बनाने का जो प्रण लिया है, उसे लेकर पीएम इतिहास रचने वाले हैं। इस बार प्रधानमंत्री मोदी मास्टरस्ट्रोक चलने वाले हैं। देश के तरकश में आने वाला है वो अस्त्र जिसे समंदर का शिकारी कहा जा सकता है।

सुपरपावर अमेरिका भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है। इस बार अमेरिका की 3 सबसे बड़ी संस्थाएं भारत के साथ बहुत बड़ी डील करने को बेताब हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार अमेरिका से MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन की डील भी हो सकती है. इस तरह के ड्रोन्स भारत ने साल 2020 में लीज़ पर लिए थे। नेवी के बेड़े में ये दोनों ड्रोन शामिल किए गए थे। भारत को इस ड्रोन की ताकत का अहसास हो गया है इसलिए इसकी डील सीधे अमेरिका से बड़े स्तर पर हो सकती है।

अमेरिका भी ड्रोन डील के लिए बेताब
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक बयान में कहा था कि, ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता करने वाला नहीं है। इसका सीधा मतलब है कि अमेरिका के साथ डील के दौरान भारत भी अपने हितों की बात करेगा। बड़ी बात ये है कि इस ड्रोन की भारत को जितनी ज़्यादा ज़रूरत है उससे कहीं ज्यादा अमेरिका भारत के साथ ड्रोन डील करने को बेताब है।

इन ड्रोन्स को US कंपनी जनरल एटॉमिक्स ने बनाया है. हालांकि पिछले कई सालों से अमेरिका के साथ इस डील में कुछ अड़चनें आ रही थीं। भारत इस ड्रोन की पूरी डील के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और इसके कई पार्ट्स भारत में ही बनाना चाहता है, अमेरिका अब तक इसके लिए राज़ी नहीं था। लेकिन पीएम मोदी के दौरे पर ये डील पक्की होने की पूरी संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बयान याद दिला दें, उन्होंने कहा था कि भारत को सबकुछ बेस्ट चाहिए. चाहें वो हथियार हों, फाइटर जेट्स हों या फिर ड्रोन. इससे यह कयास लगाए जा सकते हैं कि भारत के लिए इस बेस्ट ड्रोन को अपने पास रखना कितना अहम है।

कितना खास है MQ-9B सी गार्डियन –
– ऑल वेदर ड्रोन – 40 घंटे तक नॉनस्टॉप उड़ान – 40,000 फीट ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम – मैरिटाइम रडार सिस्टम से लैस – एंटी सबमरीन वॉरफेयर किट से लैस – रफ्तार- 2222 किमी. प्रति घंटा ।

ऐसे समझें अमेरिका की बेताबी
5 जून को अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुलाकात की थी। इसके बाद 14 जून को भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और उनके अमेरिकी समकक्ष जेक सुलिवन की मुलाकात हुई है। इस दौरान जैक सुलिवन विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मिले हैं। इस तस्वीरों से साफ है कि अमेरिकी इस बार भारत के पीएम के दौरे को लेकर बहुत ही उत्साहित है। जयशंकर ने ट्वीट में कहा है कि इस मुलाकात का मकसद पीएम मोदी के अमेरिका दौरे का रोडमैप तैयार करना थी। बता दें कि कुछ दिन पहलपे अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भी भारत के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था।

publicfirstnews.com

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