पब्लिक फर्स्ट।

रूस ने कहा है कि यूक्रेन ने मॉस्को पर सोमवार को ड्रोन से हमला किया जिसे उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने इसे आतंकी हमला बताया है। रूस ने कहा है कि यूक्रेन ने मॉस्को पर आतंकी हमले के लिए 2 ड्रोन भेजे थे। हमले में किसी को चोट नहीं पहुंची है।

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि हमला आज सुबह लगभग 4 बजे 2 गैर-आवासीय इमारतों पर हुआ है। मॉस्को पर ये हमला तब हुआ है जब एक दिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से बदला लेने की बात कही थी। दरअसल, रूस ने पिछले हफ्ते ग्रेन डील से बाहर निकलने के बाद ब्लैक सी के पास ओडेसा में यूक्रेनी पोर्ट पर हमला कर दिया था। जेलेंस्की ने कहा था- उन्हें (रूस) को भी वैसा ही महसूस करने को मिलेगा जैसा हम कर रहे हैं।

यूक्रेन ने रूस के कब्जे से छुड़ाई 50% जमीन
रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक एक ड्रोन रूस के रक्षा मंत्रालय के करीब कोम्सोमोल्स्की प्रॉस्पेक्ट पर गिरा है, जबकि दूसरा लिकचेवा स्ट्रीट पर एक बिजनेस सेंटर पर गिरा है। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी किया और कहा कि दो यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया गया है।

एक तरफ जहां पुतिन ये दावा कर रहे हैं कि उन्होंने यूक्रेन के काउंटर ऑफेंसिव को फेल कर दिया है। वहीं, अमेरिका ने दावा किया है कि यूक्रेन ने रूसी कब्जे से अपनी 50% जमीन को छुड़वा लिया है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ये जानकारी दी है। CNN को दिए एक इंटरव्यू में ब्लिंकन ने कहा कि यूक्रेन ने बहुत मुश्किल लड़ाई लड़ी है।

रूस से अपने इलाके छुड़वाने के लिए किया गया यूक्रेन का काउंटर ऑफेंसिव (हमला) अभी शुरुआती फेज में है। ब्लिंकन ने कहा कि यूक्रेनी हमले एक या दो हफ्तों में खत्म नहीं होंगे। ये कई महीनों तक जारी रहने वाले हैं। वहीं, यूक्रेन को उम्मीद है कि उसे अगले साल नाटो की सदस्यता मिल जाएगी।

जेलेंस्की ने बुलाई नाटो काउंसिल की बैठक
बेशक यूक्रेन अभी नाटो का मेंबर नहीं बना है, लेकिन उसे सदस्य देशों से जमकर मदद मिल रही है। पिछले सोमवार यानी 17 जुलाई को रूस ने जंग के शुरुआती फेज में यूक्रेन के साथ की ग्रेन डील खत्म कर दी थी। इस बीच जेलेंस्की ने नाटो देशों की एक बैठक बुलाई है।

ग्रेन डील से बाहर होने के बाद अब वो ब्लैक सी से गुजरने वाले यूक्रेनी जहाजों पर हमला कर सकता है। जेलेंस्की ने कहा है कि नाटो काउंसिल को ये तय करना होगा की ग्रेन कॉरिडोर से कैसे ऑपरेशन सही तरीके से चलाए जा सकते हैं।

प्रिगोजिन ने शुरू की रियल एस्टेट कंपनी
पुतिन से बगावत के बाद प्राइवेट मिलिट्री वैगनर के चीफ येवगेनी प्रिगोजिन ने बेलारूस में एक रियल एस्टेट मैनेजमेंट कंपनी शुरू की है। इसे कॉनकॉर्ड मैनेजमेंट एंड कंसल्टिंग कंपनी नाम दिया गया है और बेलारूस के मोगलेव प्रांत के त्सेल गांव के पते पर रजिस्टर्ड कराया है।

यहां पहले बेलारूसी मिसाइल ब्रिगेड का ठिकाना था। प्रिगोजिन पहले केटरिंग, होटलों और ट्रोल फैक्ट्री से जुड़े हुए थे। वैगनर समूह का दुनियाभर में कारोबार फैला है, अफ्रीका के कई देशों में वैगनर सोने की खदानों, शराब कंपनियों से लेकर टिम्बर जैसे बिजनेस शामिल हैं। पिछले महीने बगावत व समझौते के बाद प्रिगोजिन 5 हजार लड़ाकों के साथ बेलारूस पहुंच गए थे।

publicfirstnews.com

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