पब्लिक फर्स्ट। वॉशिंगटन।

अमेरिका ने चीन को देश से जुड़ी खुफिया जानकारी देने के आरोप में 2 नेवी अफसरों को गिरफ्तार किया है। एक अफसर का नाम वेनहेंग झाओ है, जिसने करीब साढ़े 12 लाख रुपए के बदले अमेरिकी मिलिट्री से जुड़ी कई संवेदनशील फोटोज और वीडियो बेच दिए थे।

दूसरे अफसर का नाम जिनचाओ वेई है, जिसने कई हजार डॉलर के बदले नेशनल डिफेंस से जुड़ी जानकारी लीक करने की साजिश रची थी।

झाओ पर आरोप है कि उसने अपने चीनी साथियों को इंडो-पैसेफिक में अमेरिका की मिलिट्री एक्सरसाइज, इलेक्ट्रिकल डायग्राम, जापान में अमेरिकी मिलिट्री बेस के रडार सिस्टम के ब्लू प्रिंट्स और लॉस एंजेल्स के पास मौजूद अमेरिकी नेवी बेस से जुड़ी सिक्योरिटी डिटेल्स बेची हैं।

वॉरशिप्स के पावर स्ट्रक्चर और वेपंस की जानकारी दी
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सैन डिएगो में अमेरिकी युद्धपोत USS एसेक्स पर काम करने वाले वेई ने चीन को अमेरिकी वॉरशिप्स से जुड़े 30 तकनीकी मैनुअल्स के साथ उसके पावर स्ट्रक्चर और जहाज के हथियारों से जुड़ी जानकारी दी है। उसने चीन को ये भी बताया है कि इन वॉरशिप्स की कमजोरी क्या है। मामला सामने आने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने चीन के इस जासूसी ऑपेरशन की निंदा की।

आरोपियों पर जासूसी के चार्ज, 20 साल से ज्यादा की सजा मुमकिन
FBI के स्पेशल एजेंट स्टेसी मोय ने कहा कि चीन अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा है, जो शायद कई पीढ़ियों तक रहेगा। बीजिंग किसी भी हाल में अमेरिका पर हमले बंद नहीं करने वाला है। वो इन सब हरकतों के जरिए दुनिया की इकलौती सुपरपावर बनना चाहता है। दोनों आरोपियों पर चीन के लिए जासूस करने के चार्ज लगाए गए हैं। अगर वो दोषी साबित हो जाते हैं तो उन्हें 20 साल से ज्यादा की सजा सुनाई जा सकती है।

असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल मैट ओल्सन ने कहा- दोनों आरोपियों की वजह से अमेरिका की सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी चीन के हाथ चली गई। इनमें से एक को हाल ही में अमेरिका की नागरिकता मिली है और दूसरे ने इसके लिए अप्लाय कर रखा है। उन्हें अपने नए देश का साथ देने की जरूरत थी। फिलहाल चीन की तरफ से मामले में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

publicfirstnews.com

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