Close Menu
Public First News
  • Bharat first
  • Crime first
  • Politics first
  • Education first
  • Panchayat first
  • Sanatan first
  • Sanskriti first
  • Youth first
  • Live Tv

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot
CG FIRST By Public First News

#CG FIRST| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास,भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने

June 10, 2026 CG FIRST
MP FIRST By Public First News

#MP FIRST | सीएम डॉ. मोहन ने लगाई अहम फैसलों पर मुहर, कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाई, जानें डिटेल

June 9, 2026 MP FIRST
MP FIRST By Public First News

#MP FIRST | सहभाग किया, श्रेय नहीं लिया : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और स्वयंसेवकों का योगदान – कैलाश चन्द्र |

June 8, 2026 MP FIRST
Advertisement
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, June 10
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube RSS
Public First News
Breaking News:
  • #CG FIRST| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास,भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने
  • #MP FIRST | सीएम डॉ. मोहन ने लगाई अहम फैसलों पर मुहर, कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाई, जानें डिटेल
  • #MP FIRST | सहभाग किया, श्रेय नहीं लिया : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और स्वयंसेवकों का योगदान – कैलाश चन्द्र |
  • #MP FIRST | जल संरक्षण में मध्यप्रदेश बना वैश्विक मिसाल, 6 देशों के राजनयिकों ने सराहा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’|
  • #MP FIRST | मोदी युग के 12 वर्ष : सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का स्वर्णिम अध्याय |
  • #MP FIRST | उज्जैन: भागवत कथा के समापन पर CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, नारायणा और अंका-झंका में बनेंगे श्रीकृष्ण तीर्थ |
  • #MP FIRTS | इंदौर में LAC ट्रेड एंड इंवेस्टमेंट फोरम-2026 का शुभारंभ, 15 देशों के बीच चमका मध्यप्रदेश |
  • # MP FIRST रायसेन बस हादसा: दो बसों की भीषण टक्कर में कई यात्रियों की मौत, मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
  • #MP FIRST | भस्म आरती में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: श्रद्धालुओं से ₹2500 प्रति व्यक्ति वसूली का मामला, तीन प्रकरणों में अनियमितता मिली |
  • #CG FIRST | विश्व पर्यावरण दिवस पर गंगा मुंडा तालाब में चला स्वच्छता अभियान, महापौर समेत सैकड़ों नागरिक हुए शामिल |
Login
  • Bharat first
  • Crime first
  • Politics first
  • Education first
  • Panchayat first
  • Sanatan first
  • Sanskriti first
  • Youth first
  • Live Tv
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube RSS
Public First News
Home»Health first»#CONSPIRACY | पश्चिमी देशों और अरब मुल्कों ने भारतीय वैदिक आयुर्वेद को कैसे अपने नाम से पेश किया ?
Health first

#CONSPIRACY | पश्चिमी देशों और अरब मुल्कों ने भारतीय वैदिक आयुर्वेद को कैसे अपने नाम से पेश किया ?

Public First NewsBy Public First NewsMay 31, 2025No Comments0 Views
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Tumblr Email
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

HIGHLIGHTS FIRST

अश्वगंधा को “Indian Ginseng” कहकर बेचना, या त्रिफला को “Herbal Detox Formula” के नाम से बेचना।
⁠अरबियों ने भी भारतीय चिकित्सा ग्रंथों का अनुवाद किया (जैसे चरक संहिता, सुश्रुत संहिता) और उसे अपनी यूनानी चिकित्सा में शामिल किया

भारतीय वैदिक आयुर्वेद का ज्ञान हजारों वर्षों पुराना है, लेकिन औपनिवेशिक काल और उसके बाद पश्चिमी देशों ने इस ज्ञान को कई बार अपने नाम से प्रस्तुत किया या उसमें से महत्वपूर्ण हिस्से लेकर उसे “नई खोज” के रूप में प्रचारित किया। इसके प्रमुख उदाहरण और तरीके निम्नलिखित हैं:

अनुवाद और पुनर्प्रस्तुति (Translation & Rebranding)


—————————

•   ब्रिटिश और यूरोपीय विद्वानों ने आयुर्वेदिक ग्रंथों का अनुवाद किया और उसमें से कई अवधारणाएँ अपने चिकित्सा ग्रंथों में शामिल कीं।
•   कई बार आयुर्वेदिक औषधियों और उपचारों को नए नामों से प्रकाशित किया गया, जिससे मूल स्रोत का उल्लेख नहीं किया गया।

पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकार (Patent & IPR)


——————-

•   पश्चिमी कंपनियों ने हल्दी, नीम, त्रिफला, अश्वगंधा जैसी औषधियों के गुणों पर पेटेंट के लिए आवेदन किए।
•   उदाहरण: हल्दी के घाव भरने के गुण पर अमेरिका में पेटेंट फाइल किया गया, जबकि भारत में यह हज़ारों साल से जाना जाता था।
•   नीम के कीटनाशक गुणों पर भी पेटेंट के प्रयास हुए।

वैज्ञानिक भाषा और आधुनिक पैकेजिंग


—————-

•   आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और उपचारों को वैज्ञानिक शब्दावली और आधुनिक पैकेजिंग में पेश किया गया।
•   जैसे अश्वगंधा को “Indian Ginseng” कहकर बेचना, या त्रिफला को “Herbal Detox Formula” के नाम से बेचना।
•   योग और प्राचीन भारतीय उपचार पद्धतियों को “Alternative Medicine” या “Holistic Healing” के नाम से प्रस्तुत किया गया।

शोध पत्र और मेडिकल जर्नल्स में श्रेय न देना


——————————-

•   पश्चिमी शोधकर्ताओं ने आयुर्वेदिक औषधियों पर रिसर्च की, लेकिन मूल भारतीय स्रोत का उल्लेख नहीं किया।
•   इससे वैश्विक स्तर पर यह भ्रम फैल गया कि यह खोज पश्चिम की है।

अरब और यूनानी चिकित्सा में समावेश


———————————-

•   प्राचीन काल में अरब विद्वानों ने भी भारतीय चिकित्सा ग्रंथों का अनुवाद किया (जैसे चरक संहिता, सुश्रुत संहिता) और उसे अपनी यूनानी चिकित्सा में शामिल किया।

ज्ञान का स्थानांतरण:

प्राचीन भारत के शिक्षा केंद्र जैसे नालंदा विश्वविद्यालय में आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान आदि की गहरी पढ़ाई होती थी। यहां के छात्र और विद्वान, अरब देशों सहित अन्य जगहों पर गए और वहां भारतीय ज्ञान का प्रसार किया।

•   अरबी अनुवाद:

भारतीय चिकित्सा ग्रंथों (जैसे चरक संहिता, सुश्रुत संहिता) का अरबी भाषा में अनुवाद हुआ। अरब विद्वानों ने इन ग्रंथों को पढ़कर अपनी यूनानी-तिब्बी चिकित्सा प्रणाली में शामिल किया और बाद में उसे अपने नाम से प्रचारित किया।

•   प्रभाव और लेबलिंग:

भारतीय आयुर्वेदिक सिद्धांतों और औषधियों को अरब चिकित्सा ग्रंथों में समाहित किया गया, जिससे बाद में यह पश्चिमी दुनिया में यूनानी मेडिसिन के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इससे भारतीय मूल का उल्लेख धीरे-धीरे कम होता गया और अरब विद्वानों को श्रेय मिलने लगा।

•   बाद में यह ज्ञान यूरोप पहुँचा और वहाँ के चिकित्सा विज्ञान का हिस्सा बना।

निष्कर्ष :

पश्चिमी देशों ने भारतीय वैदिक आयुर्वेद के ज्ञान को कई बार अपने नाम से पेश किया, उसका पेटेंट कराया, या उसे “नई खोज” के रूप में प्रचारित किया। इससे न सिर्फ भारत के पारंपरिक ज्ञान को श्रेय नहीं मिला, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से भी नुकसान हुआ। आज भारत ने TKDL (Traditional Knowledge Digital Library) जैसी पहल से अपने पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के प्रयास तेज कर दिए हैं।

publicfirstnews.com

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Article#WAR OF CIVILIZATION | नालंदा पुस्तकालय और विश्वविद्यालय जलाने का असल मकसद ! ये था !!
Next Article #WESTERN SCIENCE – TOOL FOR CONVERSION | पश्चिमी ईसाई वैज्ञानिकों द्वारा सनातन धर्म की वैज्ञानिक समीक्षा लेकिन अब्राहमिक पंथों पर चुप्पी !! ।
Public First News

Related Posts

Health first By Public First News0 Views

#HEALTH FIRST | तंबाकू का ज्यादा सेवन पुरुषों के शुक्राणुओं को करता है कमजोर, एम्स भोपाल की रिसर्च में बड़ा खुलासा |

Health first December 18, 20250 Views
MP FIRST By Public First News0 Views

#HealthCare “मुख्यमंत्री की संवेदनशील योजना: दूर-दराज़ के मरीजों के जीवन में नई उम्मीद | खंडवा से इंदौर एयरलिफ्ट”

MP FIRST November 18, 20250 Views
Health first By Public First News0 Views

डॉ. स्वप्निल गर्दे ने कहा ला-नीना प्रभाव ठण्ड से बचने सावधानी जरूरी

Health first November 7, 20250 Views
Health first By Public First News0 Views

#डॉ. राजेश शर्मा बने आरोग्य भारती के अखिल भारतीय प्रमुख (आध्यात्मिक स्वास्थ्य)

Health first September 23, 20250 Views
UP FIRST By Public First News0 Views

#HEALTH FIRST | लखनऊ कैंसर संस्थान में 5 करोड़ की 3D मैमोग्राफी मशीन से स्तन कैंसर निदान में क्रांति

UP FIRST September 10, 20250 Views
MP FIRST By Public First News0 Views

डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी होंगे मुख्य वक्ता: आरोग्य भारती भोपाल महानगर की 11वीं वार्षिकोत्सव स्वास्थ्य-व्याख्यानमाला

MP FIRST September 9, 20250 Views

Comments are closed.

Top Posts

Rampur By Election 2022: भगवान राम के नाम वाले रामपुर में पहली बार कोई हिंदू विधायक बना है

December 18, 20225K Views

उत्तरकाशी टनल हादसा : उम्मीद का एक और दिन

November 23, 2023513 Views

उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त

July 5, 2023408 Views

Uttarkashi Tunnel Collapse : उत्तरकाशी टनल से निकाले गए सभी 41 मजदूर

November 28, 2023271 Views
1 2 3 … 1,395 Next
Don't Miss

#CG FIRST| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास,भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने

By Public First News CG FIRST June 10, 20260 Views

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। देश की जनता…

MP FIRST By Public First News

#MP FIRST | सीएम डॉ. मोहन ने लगाई अहम फैसलों पर मुहर, कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाई, जानें डिटेल

June 9, 2026 MP FIRST
MP FIRST By Public First News

#MP FIRST | सहभाग किया, श्रेय नहीं लिया : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और स्वयंसेवकों का योगदान – कैलाश चन्द्र |

June 8, 2026 MP FIRST
MP FIRST By Public First News

#MP FIRST | जल संरक्षण में मध्यप्रदेश बना वैश्विक मिसाल, 6 देशों के राजनयिकों ने सराहा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’|

June 8, 2026 MP FIRST
Stay In Touch
  • Facebook
  • YouTube
  • TikTok
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
Editors Picks
Top Reviews
Advertisement
Most Popular

Rampur By Election 2022: भगवान राम के नाम वाले रामपुर में पहली बार कोई हिंदू विधायक बना है

December 18, 20225K Views

उत्तरकाशी टनल हादसा : उम्मीद का एक और दिन

November 23, 2023513 Views

उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त

July 5, 2023408 Views
About Us
About Us

Public First News
Corporate Office: E/7/ HIG-139, Arera Colony, Bhopal 462016 (M.P)
Phone: 0755-7967937

Email: info@publicfirstnews.com, publicfirstnewstv@gmail.com

Public First News
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • Latest News
  • Crime first
  • India first
  • Politics first
  • City first
  • Astrology first
  • Sports first
Powered by Public First News, Copyright © 2026. All rights reserved by Public First News

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?