ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन कगार की ऐतिहासिक सफलता के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने आंतरिक सुरक्षा के सबसे बड़े दुश्मनों की खोली पोल, उठाई घुसपैठियों और शहरी माओवादियों पर राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज करने की मांग।
- राष्ट्रविरोधियों के खिलाफ अभाविप का युद्धघोष!
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 29 से 31 मई 2025 तक चली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद् की बैठक ने भारत की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा एजेंडा सामने रखा है।
प्रस्ताव क्रमांक 03 में साफ कहा गया है – अब सिर्फ सरहदों पर नहीं, बल्कि भारत के भीतर छिपे गद्दारों पर भी बुलडोजर चलाना होगा!
- ऑपरेशन सिंदूर की गूंज और पाकिस्तान पर जीत
भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत दुश्मन देश पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। सैन्य ताकत, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की मिसाल कायम करते हुए भारतीय सेना ने सीमा की सुरक्षा को और अटूट बनाया है। लेकिन अभाविप का कहना है कि भारत के अंदर मौजूद दुश्मन अब बड़ी चुनौती बनकर उभर रहे हैं।
- शहरी माओवादी और ऑपरेशन कगार – लाल आतंक पर सर्जिकल स्ट्राइक
बीजापुर और दंतेवाड़ा में 150 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड और माओवादी महासचिव बसवराज भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मारा गया। यह ‘ऑपरेशन कगार’ की ऐतिहासिक सफलता थी, जिसे देश लाल आतंक पर सर्जिकल स्ट्राइक मान रहा है।
लेकिन शहरी माओवादी इस पर मातम मना रहे हैं और समाज में झूठ और भ्रम का माहौल बना रहे हैं।
अभाविप ने दो टूक कहा है –
“ऐसे छद्म बुद्धिजीवी, प्रोफेसर और NGO एक्टिविस्ट जो माओवाद का एजेंडा चला रहे हैं, उन पर देशद्रोह की धाराएं लगाकर कड़ी कार्रवाई हो।”
- पाक परस्त जासूसों और नेताओं की करतूतों की पोल खुली
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आई जांच रिपोर्टों में खुलासा हुआ है कि
• हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और यूपी में कुछ तथाकथित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
• कुछ पाकपरस्त नेता
• और यहां तक कि अशोका विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों के प्रोफेसर
पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, भारतीय सेना के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं।
अभाविप की मांग है –
“इन सभी को चिन्हित कर, ISI के एजेंटों की तरह ट्रीट किया जाए और इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।”
- बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठ: भारत का सामाजिक ढांचा खतरे में
रायपुर बैठक में चिंता जताई गई कि
• बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए
• पाकिस्तान से आए ‘शौहर’ और भारत में रह रही ‘बीवियां’
भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक बनावट को अंदर से खोखला कर रहे हैं।
पूर्वोत्तर, बंगाल, दिल्ली, बिहार, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में इनकी बढ़ती आबादी अब सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला है।
अभाविप ने साफ कहा:
“इन सभी घुसपैठियों को तय समय सीमा में बाहर निकाला जाए। जो नेता और अधिकारी इनकी मदद करते हैं, उन पर भी केस दर्ज हो।”
- बंगाल में लोकतंत्र की हत्या – राष्ट्रपति से अभाविप की अपील
पश्चिम बंगाल में
• हिंदुओं की हत्या
• पलायन
• सांप्रदायिक दंगे
और राज्य सरकार का मौन रहना –
इस बात का संकेत है कि बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है।
अभाविप ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि बंगाल में लोकतंत्र की बहाली के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
- राष्ट्र के नाम संदेश – उठो और सजग बनो!
अभाविप की यह बैठक पूरे देशवासियों से आह्वान करती है –
“जाति, पंथ, भाषा, क्षेत्र से ऊपर उठो।
राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए जागरूक और सतर्क बनो।
भारत की आंतरिक सुरक्षा अब हर नागरिक की जिम्मेदारी है।”
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