पब्लिक फर्स्ट। उज्जैन। अमृत बैंडवाल ।
लगातार हो रही भारी बारिश ने उज्जैन की जीवनरेखा शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। नदी का पानी घाटों और छोटे-छोटे मंदिरों तक पहुँच चुका है। रामघाट समेत कई घाटों की सीढ़ियाँ जलमग्न हो गई हैं और मंदिरों का गर्भगृह तक डूब चुका है।
वर्तमान स्थिति
- शिप्रा नदी सामान्य दिनों से कई गुना तेज बह रही है।
- महाकाल मंदिर से महज 800 मीटर दूरी पर बह रही शिप्रा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
- छोटा पुल, सीढ़ियाँ और आसपास के रास्ते पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं।
- रामघाट और आसपास के मंदिरों में पूजा-अर्चना बाधित हुई।
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की तैयारी
- मंदिर समितियाँ व पुजारी पूजा सामग्री और आवश्यक सामान को सुरक्षित स्थलों पर शिफ्ट कर रहे हैं।
- नगर निगम और जिला प्रशासन ने घाट क्षेत्र में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है और लगातार निगरानी जारी है।
- पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घाटों और नदी किनारे जाने से बचें।
मौसम विभाग की चेतावनी
- अगले 24 घंटे तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
- अब तक 71.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- संभावना है कि जलस्तर और भी बढ़ सकता है, जिससे शहर के अन्य निचले इलाकों पर असर पड़ेगा।
असर और चुनौतियाँ
- शिप्रा के उफान से धार्मिक गतिविधियाँ और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित।
- महाकाल लोक के नंदी द्वार क्षेत्र में पानी भरने से दर्शनार्थियों को कठिनाई हुई।
- नदी में टेंपल ज़ोन और घाटों के जलमग्न होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है।
निष्कर्ष
उज्जैन में भारी बारिश ने शिप्रा नदी को खतरनाक स्तर तक पहुँचा दिया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर श्रद्धालुओं और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। अगर बारिश का दौर जारी रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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