मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध खनिज संपदा के बल पर तेजी से देश के प्रमुख खनिज हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश की खनिज संपदा न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है। राज्य में खनन क्षेत्र में हो रही प्रगति ने विकास की दिशा को और अधिक सशक्त किया है।

प्रदेश की खनिज धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। पन्ना के विश्वप्रसिद्ध हीरे को GI टैग मिलना इस विशिष्टता का प्रमाण है। यह उपलब्धि न केवल पन्ना बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है और राज्य की खनिज पहचान को और मजबूत करती है।

खनिज क्षेत्र में नीलामी के मामले में भी मध्यप्रदेश ने देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने सर्वाधिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 31 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इसके साथ ही प्रदेश के खनिज राजस्व में हर वर्ष लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो खनन क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है।

अन्वेषण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक 41 क्षेत्रों में अन्वेषण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 83 क्षेत्रों में अन्वेषण का कार्य जारी है। इससे भविष्य में खनिज संसाधनों के और अधिक विस्तार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

स्ट्रैटेजिक एवं क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी राज्य ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस श्रेणी के अंतर्गत रोपाई के 3 ब्लॉक और रॉक फॉस्फेट का 1 ब्लॉक नीलाम किया गया है, जो औद्योगिक आवश्यकताओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

निवेश के मोर्चे पर भी मध्यप्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। GIS 2025 के अंतर्गत खनन क्षेत्र में ₹3.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा राज्य में निवेशकों के बढ़ते विश्वास और खनन क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।

कुल मिलाकर, खनिज संपदा के प्रभावी उपयोग, पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया और निरंतर अन्वेषण के माध्यम से मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। खनन क्षेत्र में हो रही यह प्रगति प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा को और अधिक निखार रही है।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.

Comments are closed.

Secret Link