जम्मू-कश्मीर: घाटी में गुरुवार रात से शुरू हुई भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के बावजूद, प्रशासन और सुरक्षा बलों ने यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए तेज़ी से काम किया। 122 RCC और प्रोजेक्ट बीकन / 32 BRTF ने सोनमर्ग और ज़ोजिला में SSG रोड पर बड़े पैमाने पर बर्फ हटाने का कार्य संपन्न कर दिया, जिससे आवाजाही फिर से बहाल हो गई।

सुरक्षा और संचालन में जुटे कर्मियों ने अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में भी श्रीनगर एयरफील्ड को चालू रखने के लिए लगातार प्रयास जारी रखे। प्रशासन की प्रतिबद्धता स्पष्ट है: “मिशन हमेशा पहले”

IMD का पूर्वानुमान और बर्फबारी का पैटर्न

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कश्मीर में दो दिनों तक बर्फबारी का अनुमान लगाया था। दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण यह मौसम की पहली बड़ी बर्फबारी मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि गुरुवार रात से बर्फ, बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला शुरू होगा, जो घाटी और मैदानी इलाकों तक प्रभावित करेगा।

सर्दी के इस मौसम में अब तक घाटी में बर्फबारी कम रही थी। यहां तक कि ऊंचे इलाकों में भी, जो आम तौर पर दिसंबर और जनवरी में बर्फ की मोटी चादर से ढके रहते थे, बर्फ कम पड़ी। बावजूद इसके, प्रशासन ने प्रमुख सड़कों को खुला रखा है, ताकि यातायात बाधित न हो।

सर्दी का अंतिम चरण – चिल्लई कलां

कश्मीर की सर्दी का सबसे कठिन हिस्सा, चिल्लई कलां, अपने अंतिम चरण में है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने से घाटी में और मैदानी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जिससे क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

एक वरिष्ठ IMD अधिकारी ने बताया,
“मौजूदा मौसम पैटर्न के अध्ययन से स्पष्ट है कि घाटी में यह इस सर्दी की पहली बड़ी बर्फबारी हो सकती है। गुरुवार से दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे, जिससे मैदानी इलाकों में भी बर्फबारी होगी।”

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