गरियाबंद जिले में अवैध रेत उत्खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। खनिज विभाग ने बरोंडा और चौबेबांधा क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 3 चैन माउंटेन और 1 हाईवा को जप्त किया। ये वाहन कथित रूप से अवैध रेत खनन में उपयोग किए जा रहे थे।

हालांकि विभागीय कार्रवाई की गई, लेकिन यह सवाल उठता है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन को रोकने में प्रशासन लगातार क्यों नाकाम हो रहा है। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार, अवैध रेत माफियाओं का हौसला लगातार बढ़ रहा है और खनिज विभाग की कार्रवाई केवल एक तात्कालिक समाधान साबित होती है।

स्थानीय प्रशासन की यह भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है कि लगातार हो रहे अवैध रेत और मुरूम खनन पर वाहनों की जब्ती क्यों नहीं की जा रही है, और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासनिक खौफ कब प्रभावी होगा।

खनिज विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि नियमों और कानूनों का पालन करना हर नागरिक और व्यवसायिक कर्तव्य है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने जनता से भी अपील की है कि अवैध खनन की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अवैध रेत और मुरूम खनन पर लगातार नजर रखी जाए और प्रशासनिक कार्रवाई तेज़ी से की जाए, तभी जिले में इस प्रकार की अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

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