देवास जिले के खातेगांव में कृषि उपज मंडी प्रांगण में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। जनपद पंचायत खातेगांव के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 90 नवयुगल परिणय सूत्र में बंधे, जिसमें 69 जोड़े अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वर्ग से थे, जबकि 21 जोड़ों का निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज से संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम सामाजिक समरसता और सामूहिक उत्सव का सुंदर उदाहरण बना, जहां अलग-अलग परंपराओं के अनुसार विवाह और निकाह की रस्में पूरी की गईं। योजना के तहत प्रत्येक कन्या के खाते में 49 हजार रुपए की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जमा की गई, जिससे नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहयोग मिला।
इस आयोजन की शुरुआत नगर के स्टेडियम से हुई, जहां से वर-वधुओं को सुसज्जित ट्रैक्टरों पर बिठाकर बैंड-बाजे और डीजे के साथ जुलूस के रूप में नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कृषि उपज मंडी परिसर तक लाया गया। इस दौरान पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
मंडी प्रांगण में पहुंचने के बाद हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार वर-वधुओं को सात फेरों के माध्यम से विवाह बंधन में बांधा गया, जबकि मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का निकाह विधिवत रूप से संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंडित आशीष शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरिता मेंराम धनवारे ने की, जबकि विशेष अतिथियों में जनपद उपाध्यक्ष मनीष पटेल, विधानसभा प्रभारी वीरेंद्र राजावत, मंडल अध्यक्ष ललित गुर्जर, विधानसभा संयोजक डॉ. आर.एन. यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र चौधरी सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों में अनुविभागीय अधिकारी प्रवीण प्रजापति, नायब तहसीलदार अखिलेश शर्मा और जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अश्विनी की उपस्थिति भी रही।
कार्यक्रम का एक भावुक पल तब देखने को मिला, जब माननीय विधायक ने नवविवाहित जोड़ों को विदाई देते समय गीत गाकर उन्हें आशीर्वाद दिया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह भी भावुक हो गया और नवदंपतियों को सुखी जीवन की शुभकामनाएं दीं।
यह आयोजन न केवल सामाजिक एकता और परंपराओं का संगम बना, बल्कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी उदाहरण प्रस्तुत करता नजर आया।
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