केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को हरदीप सिंह पुरी जैसे अनुभवी और कुशल प्रशासक का मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुरी का व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से हरदीप सिंह पुरी की सफलता की कामना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, मंत्री और विधायक मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश के विकास में पुरी का योगदान
मध्यप्रदेश में पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, आवास और नगरीय विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में हरदीप सिंह पुरी की भूमिका रही है। करीब 49 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाली बीना रिफाइनरी विस्तार और डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास 14 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, सतना और उज्जैन सहित प्रदेश के सात शहरों का चयन किया गया। उड़ान योजना के अंतर्गत ग्वालियर से बेंगलुरु और कोलकाता के लिए हवाई सेवाएं शुरू हुईं। वहीं, इंदौर से किशनगढ़ के लिए सीधी उड़ान सेवा भी प्रारंभ की गई। जबलपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल और भोपाल हवाई अड्डे की एटीसी टॉवर-सह-तकनीकी ब्लॉक परियोजना से जुड़ी प्रक्रियाएं भी आगे बढ़ीं।
भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 अक्टूबर 2018 को मंजूरी दी थी। इस परियोजना की लागत 14,442.20 करोड़ रुपये निर्धारित की गई। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में भोपाल को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों में स्थान मिला, जबकि इंदौर ने सुपर स्वच्छ लीग में जगह बनाई। इसके अलावा अमृत 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में 12,963 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत वाली 1,273 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं। वर्ष 2021 से 2026 के बीच प्रदेश में 35 इथेनॉल डिस्टिलरी और 15 कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र भी स्थापित किए गए। राज्यसभा के लिए हरदीप सिंह पुरी के नामांकन को मध्यप्रदेश के विकास और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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