पब्लिक फर्स्ट । भोपाल । पुनीत पटेल ।

  1. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पर्यटन विकास के सभी प्रयासों में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उनके अनुसार, विकास के प्रकल्प इस तरह क्रियान्वित किए जाएंगे कि प्रकृति और पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिशा में समुचित परीक्षण के बाद आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

  1. पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखकर ही करेंगे पर्यटन विकास

पर्यटन विकास के प्रयासों में पर्यावरण का ध्यान रखते हुए, सभी प्रोजेक्ट्स को प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के साथ लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार:
• पर्यटन प्रोजेक्ट्स को बिना पर्यावरण को क्षति पहुंचाए क्रियान्वित किया जाएगा।
• मंत्रालय में हुई वेटलैंड प्राधिकरण की बैठक में इस दिशा में आगे बढ़ने के कदमों पर चर्चा की गई।

  1. वेटलैंड्स का भौतिक सत्यापन एवं सीमांकन कार्य

प्रदेश में वेटलैंड्स के भौतिक सत्यापन और सीमांकन के कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है:
• 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में 13,454 वेटलैंड्स का जमीनी सत्यापन और 12,741 वेटलैंड्स के सीमांकन का कार्य पूरा हो चुका है।
• यह कार्य पर्यावरण विभाग के राज्य वेटलैंड प्राधिकरण द्वारा, इसरो-एसएसी-2021 एटलस के अनुसार, राजस्व विभाग, वन विभाग और संबंधित जिला प्रशासन के सहयोग में सम्पन्न किया जा रहा है।
• वर्तमान में कुछ ही वेटलैंड्स शेष हैं, जहाँ कार्य अभी जारी है।
• एक नया मोबाइल एप विकसित किया गया है जिसके माध्यम से प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 5,000 कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
• मॉनीटरिंग के लिए एक विशेष डैशबोर्ड भी विकसित किया गया है, जिससे सभी कार्यों की प्रगति पर निरंतर नजर रखी जा सके।

विशेष :

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प और निर्देशों के तहत प्रदेश में पर्यटन विकास तथा वेटलैंड्स के प्रबंधन में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

publicfirstnews.com

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