मामला क्या है ?
• डोनाल्ड ट्रंप (राष्ट्रपति) और एलन मस्क (दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति) के बीच हाल ही में गहरा विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आया है। दोनों ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए, जो पहले एक मजबूत साझेदारी में थे।
• शुरुआत में मस्क ने ट्रंप का समर्थन किया था और उनके प्रशासन में सरकारी खर्चों में कटौती की बड़ी भूमिका निभाई थी। लेकिन अब दोनों के बीच कर नीति, सरकारी सब्सिडी और व्यक्तिगत आरोपों को लेकर तनाव चरम पर है।
क्यों हुआ विवाद ?
- • विवाद की जड़ ट्रंप के नए टैक्स बिल और सरकारी खर्चों में कटौती है, जिससे मस्क की कंपनियों (टेस्ला, स्पेसएक्स) को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी और कॉन्ट्रैक्ट्स खतरे में पड़ गए हैं।
- ट्रंप ने EV (इलेक्ट्रिक वाहन) टैक्स क्रेडिट खत्म करने और मस्क की सरकारी सब्सिडी बंद करने की बात कही। जवाब में मस्क ने ट्रंप को ‘अकृतज्ञ’ कहा और स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को डिकमीशन करने की धमकी दी, जिससे NASA और अमेरिकी रक्षा कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है।
- • व्यक्तिगत आरोप भी लगे—मस्क ने ट्रंप पर जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ छुपाने का आरोप लगाया, जबकि ट्रंप ने मस्क को ‘परेशान’ और ‘परेशानी की वजह’ बताया।
ट्रंप के राजनीतिक करियर पर असर
यह विवाद रिपब्लिकन पार्टी में भी दरार डाल सकता है, क्योंकि मस्क पार्टी के बड़े फाइनेंसर बन चुके हैं और ट्रंप पार्टी की पहचान हैं।
• ट्रंप की छवि पर असर पड़ सकता है, क्योंकि वे अब तक मस्क को अपनी आर्थिक नीतियों की सफलता का हिस्सा बताते थे।
• मस्क की कंपनियों के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स खत्म होने से अमेरिकी स्पेस, डिफेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर बड़ा असर पड़ सकता है, जिससे ट्रंप की नीतियों की आलोचना बढ़ सकती है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर ?
• विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप के टैक्स बिल, सरकारी खर्चों में भारी कटौती, और मस्क की कंपनियों के साथ सरकारी संबंध खत्म करने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अस्थायी मंदी या ‘रिसेशन’ आ सकता है।
मस्क और ट्रंप दोनों के कदमों से—
• बेरोजगारी बढ़ सकती है,
• टेक्नोलॉजी और स्पेस सेक्टर में निवेश घट सकता है,
• जरूरी सरकारी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं,
• महंगाई और कीमतें बढ़ सकती हैं।
• इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर गंभीर अस्थिरता और मंदी जरूर आ सकती है, जिससे आम अमेरिकियों को आर्थिक दर्द झेलना पड़ सकता है।
निष्कर्ष:
ट्रंप और मस्क का टकराव अमेरिकी राजनीति, अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़ा भूचाल ला सकता है ।
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