पब्लिक फर्स्ट। लखनऊ। अभिषेक यादव।
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सहकारिता क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण डिजिटल कदम उठाया है। अब प्रदेश के किसान सहकारी समितियों से खाद खरीदते समय नकद भुगतान करने के बजाय सीधे QR कोड स्कैन कर डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे।
डिजिटल सुविधा का शुभारंभ
प्रदेश के सहकारिता मंत्री जी.पी.एस. राठौर ने इस डिजिटल भुगतान सुविधा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अब किसान अपने मोबाइल फोन से QR कोड स्कैन करके खाद का मूल्य सीधे जमा कर पाएंगे। इससे नकद लेनदेन में लगने वाला समय बचेगा और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना भी समाप्त होगी।
किसानों के लिए फायदे
- पारदर्शिता: किसानों को खाद निर्धारित मूल्य पर ही मिलेगी।
- सुविधा: नकद या छुट्टे पैसों की समस्या से छुटकारा।
- तेज़ प्रक्रिया: भुगतान कुछ ही सेकंड में पूरा होगा।
- जवाबदेही: डिजिटल रिकॉर्ड से गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं।
- सशक्तिकरण: किसान अब डिजिटल इंडिया अभियान से सीधे जुड़ेंगे।
समितियों की स्थिति और सुधार
- अब तक प्रदेश की लगभग 980 सहकारी समितियों का सुधार व मरम्मत पूरा किया जा चुका है।
- सपा शासनकाल में बंद हुई कई समितियों को पुनः चालू किया गया है।
- समितियों में इंटरनेट और सोलर लाइट जैसी नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
जिलों में क्रियान्वयन
- हापुड़ जिले में किसानों ने QR कोड से भुगतान कर खाद खरीदी, जिससे यूरिया और अन्य उर्वरकों की खरीद आसान हुई।
- गोरखपुर और सहारनपुर जैसे जिलों में भी यह डिजिटल पेमेंट प्रणाली लागू की जा रही है।
- सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रदेश की सभी सहकारी समितियों को इस सुविधा से जोड़ा जाए।
सरकार की मंशा
राज्य सरकार का दावा है कि इस कदम से किसानों को खाद खरीद में न केवल पारदर्शिता मिलेगी, बल्कि समय और श्रम की बचत भी होगी। साथ ही नकद लेनदेन में होने वाली धोखाधड़ी या अतिरिक्त वसूली पर रोक लगेगी।
