पब्लिक फर्स्ट। लखनऊ। अभिषेक यादव।

रामनगरी अयोध्या इस वर्ष एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है। 20 अक्टूबर 2025 को होने जा रहा दीपोत्सव 2025 अब तक का सबसे भव्य और विश्व स्तर पर यादगार आयोजन बनने वाला है। इस बार 25 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है, जो न केवल एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएगा बल्कि भारतीय संस्कृति और अध्यात्म की चमक को पूरी दुनिया में फैलाएगा।

दीपोत्सव की शुरुआत से अब तक

  • दीपोत्सव की शुरुआत 2017 में हुई थी, जब मात्र 1.7 लाख दीये जलाए गए थे।
  • धीरे-धीरे इसका विस्तार हुआ और 2023 में 22 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया।
  • अब 2025 में 25 लाख दीप प्रज्ज्वलन का लक्ष्य है, जो एक अद्भुत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृश्य प्रस्तुत करेगा।

आयोजन की तिथि और कार्यक्रम

मुख्य दीपोत्सव: 20 अक्टूबर 2025

  • सरयू तट पर 25 लाख दीयों का प्रज्ज्वलन
  • भव्य लेजर शो और ड्रोन शो
  • देश-विदेश के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
  • ऐतिहासिक झांकियाँ और रामलीला मंचन

कार्तिक पूर्णिमा मेला एवं परिक्रमा:

  • 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2025 तक
  • 5 नवंबर को विशेष अवसर—कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और गुरु नानक जयंती एक साथ मनाई जाएगी।

मुख्य आकर्षण

लेजर और ड्रोन शो:

इस बार आयोजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक से लेजर एवं ड्रोन शो होगा, जो सरयू घाट और राम की पैड़ी को अद्वितीय रोशनी से सराबोर कर देगा।

देशी-विदेशी कलाकार:

कई नामी कलाकारों को आमंत्रित किया गया है, जो नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे।

व्यवस्थाएँ और निर्माण कार्य:

  • राम की पैड़ी आयोजन का मुख्य स्थल रहेगा।
  • जिलाधिकारी ने सभी निर्माण और व्यवस्था से जुड़े कार्यों को 30 सितंबर 2025 तक पूरा करने के आदेश दिए हैं।
  • दीप निर्माण से लेकर सुरक्षा और सफाई तक सभी प्रक्रियाओं के लिए पारदर्शी टेंडरिंग की गई है।

आध्यात्मिक और पर्यटन महत्व

  • प्रयागराज महाकुंभ की तर्ज पर अयोध्या का दीपोत्सव अब उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन की पहचान बन चुका है।
  • सरयू आरती, दीपदान, स्नान और सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रम लाखों रामभक्तों और पर्यटकों को अविस्मरणीय अनुभव देंगे।
  • स्थानीय शिल्प और परंपरागत दीपक निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण कारीगरों को रोज़गार मिलेगा।

विशेष संदेश

अयोध्या दीपोत्सव 2025 न केवल आध्यात्मिक चेतना का उत्सव बनेगा बल्कि भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का प्रतीक होगा। यह आयोजन अयोध्या को विश्व पटल पर और अधिक गौरवान्वित करेगा तथा करोड़ों लोगों के लिए रामभक्ति और भारतीय परंपरा का अद्वितीय अनुभव लेकर आएगा।

publicfirstnews.com

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