उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश में होने वाला संभावित मंत्रिमंडल विस्तार रहा। काफी समय तक चली इस चर्चा में मुख्यमंत्री ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रधानमंत्री के साथ विचार साझा किए। अभी इस विस्तार को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और अंतिम निर्णय के लिए मंथन किया जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं पर हुआ विचार-विमर्श
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश कैबिनेट में नए सदस्यों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उन नामों और समीकरणों से अवगत कराया जो आगामी समय में सरकार को अधिक मजबूती दे सकते हैं। हालांकि, इस विषय पर अभी गहन विचार-विमर्श चल रहा है और आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य नेतृत्व के बीच कुछ और दौर की बातचीत होने की उम्मीद है।
विकास कार्यों की प्रगति और प्रशासनिक समीक्षा
राजनीतिक चर्चाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि कैसे राज्य सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सुशासन और पारदर्शिता को और अधिक प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।
माघ मेले की तैयारियों पर हुई विशेष चर्चा
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में आयोजित होने वाले आगामी ‘माघ मेले’ की तैयारियों के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा क्या विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। बैठक में इस धार्मिक समागम को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचों और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर चर्चा की गई।
आगामी चुनावों के मद्देनजर रणनीतिक मंथन
उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों नेताओं ने राज्य में संगठन की स्थिति और सरकार की छवि को और अधिक बेहतर बनाने के तरीकों पर मंथन किया। इस बैठक के माध्यम से सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए भविष्य की रूपरेखा तैयार की गई है।
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