फूलो देवी नेताम को छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर अपना उम्मीदवार घोषित किया है। फूलो देवी नेताम वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं और उनका कार्यकाल भी जल्द समाप्त होने वाला है। ऐसे में पार्टी ने उन्हें दोबारा मौका देकर भरोसा जताया है।

राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस में कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में थे। इनमें दीपक बैज, मोहन मरकाम, भूपेश बघेल और टी. एस. सिंह देव जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आ रहे थे। हालांकि इन चर्चाओं के बीच पार्टी हाईकमान ने फूलो देवी नेताम पर ही भरोसा आटा और उन्हें फिर से टिकट दिया।

वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए लक्ष्मी वर्मा को मैदान में उतारा है। लक्ष्मी वर्मा ने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार सामाजिक समीकरण और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है।

राज्यसभा में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व

अगर छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में कुल 5 सदस्य हैं। इनमें से दो सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाला है, जिनमें फूलो देवी नेताम और के. टी. एस. तुलसी शामिल हैं।
इसके अलावा राजीव शुक्ला और रणजीत रंजन का कार्यकाल 2028 तक है, जबकि भाजपा से देवेंद्र प्रताप सिंह का कार्यकाल 2030 तक जारी रहेगा।

कैसे होता है राज्यसभा चुनाव

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया आम चुनावों से अलग होती है। इसमें जनता सीधे मतदान नहीं करती, बल्कि राज्य के विधायक अपने वोट से सांसदों का चुनाव करते हैं। राज्यसभा एक स्थायी सदन है, इसलिए इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं और उनकी जगह नए सदस्य चुने जाते हैं।

देश में राज्यसभा की कुल 245 सीटें हैं। इनमें से 233 सदस्यों का चुनाव विधायकों द्वारा किया जाता है, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं।

छत्तीसगढ़ में जीत के लिए कितने वोट जरूरी

छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं और इस बार राज्यसभा की 2 सीटें खाली हो रही हैं। ऐसे में जीत का कोटा निकालने के लिए फॉर्मूला लगाया जाता है:

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