मध्यप्रदेश में किसानों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जमीन अधिग्रहण से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की जमीन अधिग्रहण होने पर पहले से ज्यादा मुआवजा मिलेगा।

राज्य सरकार ने मप्र भूमि अर्जन पुनर्वासन अधिनियम 2015 में संशोधन करते हुए “फैक्टर-2” लागू करने का फैसला लिया है। इस नए प्रावधान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को जमीन अधिग्रहण पर चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा।

पहले किसानों को जमीन अधिग्रहण पर दोगुना मुआवजा मिलता था, लेकिन अब नए नियमों के लागू होने के बाद मुआवजे की राशि में बड़ा इजाफा होगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनकी जमीन का बेहतर मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा।

कैबिनेट के इस फैसले को लेकर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इसे किसानों के हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से किसानों की जो मांग थी, उसे अब सरकार ने पूरा किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। किसानों के हाथ में अधिक मुआवजा पहुंचने से स्थानीय बाजार, रोजगार और विकास गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उचित मूल्य मिले और साथ ही विकास परियोजनाओं में भी तेजी लाई जा सके।

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