छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत CEO पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जनप्रतिनिधियों ने CEO पर कमीशनखोरी और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा को लेकर जनपद सदस्यों की बैठक बुलाई थी। बैठक में जिला पंचायत CEO दिनेश नाग को भी उपस्थित रहने के लिए कहा गया था। हालांकि जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि तीन घंटे तक इंतजार करने के बावजूद CEO बैठक में नहीं पहुंचे, जिसके बाद सदस्यों का गुस्सा फूट पड़ा।
नाराज जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत परिसर में धरना शुरू कर दिया और CEO के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों का कहना है कि जब भी जनता की समस्याओं को लेकर CEO के चेंबर में जाया जाता है, तब उनके द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है और जनता से जुड़े कार्यों को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि अधिकारियों का रवैया इसी तरह बना रहा तो सभी जनप्रतिनिधि अपने पद से इस्तीफा देने पर मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें विकास कार्य और समस्याओं के समाधान के लिए चुना है, लेकिन यदि अधिकारियों का सहयोग नहीं मिलेगा तो वे जनता का काम छोड़कर अपने निजी कार्य करने को मजबूर होंगे।
मामले की जानकारी मिलने पर प्रदेश सरकार के उद्योग मंत्री Lakhan Lal Dewangan भी जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
फिलहाल जिला पंचायत में बढ़ते इस विवाद ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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