उज्जैन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। परिषद के दो धड़े आमने-सामने हैं और हाल ही में निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज ने विरोधियों पर तीखा प्रहार किया।

नगर पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मीडिया से बात करते हुए महाराज ने कहा, “हमने मां भगवती से प्रार्थना की है कि हमारे शत्रुओं का नाश हो। जो लोग आगामी कुंभ में व्यवधान डालने की कोशिश करेंगे, उनका पतन निश्चित है।”

हालांकि महाराज ने किसी का नाम नहीं लिया, पर उनका इशारा साफ तौर पर महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव और खुद को अध्यक्ष बताने वाले गुट की ओर माना जा रहा है।

रवींद्र पुरी महाराज ने दो अध्यक्षों के विवाद पर चुटकी भी ली और कहा कि पद न मिलने की हताशा कुछ लोगों की मानसिकता कमजोर कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अखाड़ा परिषद का असली नेतृत्व प्रयागराज कुंभ के समय से ही तय है और नासिक कुंभ के बाद विधिवत चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी।

संतों के बीच यह जुबानी जंग 2028 के उज्जैन सिंहस्थ से पहले अखाड़ा राजनीति में गर्माहट बढ़ा रही है।

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