एक सप्ताह में दूसरा राष्ट्रीय सम्मान, जनसरोकार आधारित पत्रकारिता को मिली राष्ट्रीय पहचान
देश के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, मीडिया विश्लेषक एवं सामाजिक चिंतक कृष्ण मोहन झा को उनकी जनपक्षधर पत्रकारिता, वैचारिक लेखन तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर दीर्घकालीन योगदान के लिए प्रतिष्ठित “सामाजिक सरोकार पत्रकारिता सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा द्वारा नईदिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित आईसीसीआई (ICCI) एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026 में प्रदान किया गया।

विशेष उल्लेखनीय है कि हाल ही में कृष्ण मोहन झा को नईदिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित समारोह में “भारतीय पत्रकारिता रत्न” सम्मान से भी अलंकृत किया गया था। लगातार मिले दो राष्ट्रीय सम्मानों ने उनकी पत्रकारिता यात्रा को नई ऊंचाई प्रदान की है।
कृष्ण मोहन झा पिछले तीन दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने वर्ष 1995 में देशबंधु समाचार पत्र से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की। इसके बाद अमृत संदेश, जनसत्ता समूह तथा विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने पत्रकारिता की मजबूत पहचान बनाई।

वर्ष 2000 में उन्होंने मंडला जिले से “मंडला समाचार” नामक स्थानीय टीवी चैनल की स्थापना कर क्षेत्रीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक नया अध्याय लिखा। सीमित संसाधनों के बावजूद शुरू हुआ यह प्रयास मध्यप्रदेश की सफल स्थानीय मीडिया पहलों में गिना जाता है।
बाद में वे राष्ट्रीय स्तर के मीडिया संस्थानों से जुड़े और चैनल नंबर-1 न्यूज नेटवर्क में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान के प्रमुख के रूप में कार्य किया। इसके अलावा उन्होंने सहारा समय, स्वदेश न्यूज तथा विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया मंचों पर संपादकीय और परामर्शदात्री भूमिकाओं का सफल निर्वहन किया। वर्तमान में वे स्वदेश न्यूज से सलाहकार संपादक के रूप में जुड़े रहे हैं तथा डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म NewsFest के माध्यम से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।

पत्रकारिता के साथ-साथ कृष्ण मोहन झा वैचारिक लेखन के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। राष्ट्रवाद, भारतीय संस्कृति, शिक्षा, राजनीति, सामाजिक चेतना तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विषयों पर उनके सैकड़ों लेख देशभर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व एवं नेतृत्व पर आधारित उनकी पुस्तकें “महानायक मोदी” और “यशस्वी मोदी” पाठकों के बीच चर्चित रही हैं। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के विचारों पर आधारित उनकी आगामी पुस्तक “डॉ. मोहन भागवत संदेश” भी प्रकाशनाधीन है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है तथा जनता और शासन के बीच सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर कार्य करने वाले पत्रकारों का सम्मान समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि आईसीसीआई पिछले सात वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रियल एस्टेट और सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा समाज, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं के बीच प्रभावी संवाद का मंच बन चुकी है।

गौरतलब है कि कृष्ण मोहन झा को मिला “सामाजिक सरोकार पत्रकारिता सम्मान” केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उस पत्रकारिता की स्वीकृति है जो समाज, राष्ट्र और आमजन के मुद्दों को केंद्र में रखकर की जाती है। लगातार प्राप्त राष्ट्रीय सम्मानों ने यह सिद्ध किया है कि उनकी लेखनी आज भी समाज में वैचारिक जागरण, सकारात्मक परिवर्तन और राष्ट्रहित के विमर्श को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनी हुई है।
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