पब्लिक फर्स्ट। भोपाल । कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन हिज्ब-उत्-तहरीर (एचयूटी) के भोपाल से गिरफ्तार किए गए 10 सदस्यों में से पांच ऐसे सदस्य हैं, जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल किया है। यह संगठन भड़काऊ तकरीरों से लोगों का ब्रेन वॉश कर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता है। एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए अब तक 16 सदस्यों में से आठ सदस्य कन्वर्ट होकर इस्लाम धर्म कबूल किया था। भोपाल के तीन सदस्य ऐसे भी हैं जिन्होंने हिंदू युवतियों से शादी कर बाद में उनका धर्म परिवर्तन कराया।

एटीएस सूत्रों के मुताबिक भोपाल से गिरफ्तार जिम ट्रेनर यासिन खान और हैदराबाद से पकड़ाया मोहम्मद सलीम इस संगठन के प्रमुख हैं। एटीएस ने डेक्कन कॉलेज से गोलकुंडा, हैदराबाद निवासी मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार किया है, वह मूलत: बैरसिया (भोपाल) का रहने वाला है। उसका असली नाम सौरभ राजवैद्य है। सौरभ ने वर्ष 2009 में शादी की थी।

सौरभ ने वर्ष 2010 में इस्लाम धर्म कबूल किया।

उसके धर्म परिवर्तन का माता-पिता और समाज ने विरोध किया। बाद में सौरभ की पत्नी ने भी 2012 में इस्लाम धर्म कबूल कर लिया। जब उसका भोपाल में धर्म परिवर्तन का सर्टिफिकेट नहीं बना तो उसने महाराष्ट्र में प्रयास किया। बाद में वह हैदराबाद शिफ्ट हो गया, जहां वह एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के बायोटेक्निकल डिपार्टमेंट में प्रोफेसर हो गया। सलीम भड़काऊ तकरीर देता था। इसी तरह ओडिशा के देवी प्रसाद पांडा ने इस्लाम कबूल कर नाम अब्दुल रहमान व हैदराबाद के बक्स वेनु कुमार ने अपना नाम मोहम्मद अब्बास रखा था।

यासिर ने अपनी पत्नी का धर्म परिवर्तन कराया

एटीएस सूत्रों का कहना है कि शाहजहांनाबाद निवासी जिम ट्रेनर यासिर खान ने हिंदू युवती से शादी की थी। इसके बाद उसने उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे इस्लाम धर्म कबूल कराया। इसके अलावा दो सदस्य और हैं, जिन्होंने अपनी पत्नियों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया था।

आरोपियों को हैदराबाद लेकर टीम रवाना

हैदराबाद से गिरफ्तार किए गए गए मोहम्मद सलीम, अब्दुल रहमान, मोहम्मद अब्बास अली, शेख जुनैद और मोहम्मद हामिद को एटीएस की टीम शनिवार को हैदराबाद लेकर रवाना हो गई है। हैदराबाद में एटीएस आरोपियों की निशानदेही पर अन्य ठिकानों पर दबिश देगी।

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