पब्लिक फर्स्ट। लखनऊ।

लाउडस्पीकर को लेकर CM योगी के आदेश के बाद यूपी पुलिस हरकत में आई। लखनऊ में पूरी तरह से मानकों को दरकिनार कर रहे 231 लाउडस्पीकर उतरवाए गए। पब्लिक प्लेस पर लगे 1556 लाउडस्पीकर चिह्नित कर पुलिस ने 728 की आवाज कम कराई। इससे संबंधित लोगों को नियम पालन के निर्देश दिए गए। ये कार्रवाई 15 दिनों में हुई है।

सरकार का आदेश है कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर को मानकों के अनुसार बजाया जाए। इसके लिए यूपी पुलिस गली-गली में घूमकर मानकर तोड़ने वालों पर कार्रवाई कर रही है। इसके चलते 17 मई से 31 मई तक 1556 लाउडस्पीकर की जांच की गई। इसमें से केवल 597 लाउडस्पीकर ही ऐसे मिले जो मानक का पालन कर रहे थे।

रात 10 बजे के बाद बजाने वालों पर सख्ती
लखनऊ पुलिस ने धार्मिक स्थलों के साथ ही शादी-विवाह और पार्टी के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर भी कार्रवाई की है। रात दस बजे से सुबह छह बजे तक तेज आवाज में डीजे बजाने वाले 326 लोगों को चेतावनी देकर म्यूजिक सिस्टम को हटवाया गया।

बिना अनुमति नहीं लगा सकते लाउडस्पीकर
यूपी में पब्लिक प्लेस से लेकर धार्मिक स्थल तक पर लाउडस्पीकर लगाने के लिए प्रशासनिक मंजूरी जरूरी है। साथ ही नए नियम के मुताबिक धर्मस्‍थल पर बजने वाले लाउडस्‍पीकर की आवाज परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए। वहीं नए धार्मिक स्थलों को हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही लाउडस्पीकर लगाना होगा। लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति जिला प्रशासन से लेनी होगी। वहीं जिन जिलों में कमिश्नरेट प्रणाली लागू है उन्हें अपने सर्किल के एसीपी से अनुमति लेनी होगी।

DGP की मीटिंग में भी उठा लाउडस्पीकर का मुद्दा
शुक्रवार को कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी सार्वजनिक स्थानों पर बजने वाले लाउडस्पीकर की आवाज पर काबू पाने के लिए सख्ती से नियम पालन कराने का मुद्दा उठा।
कार्यवाहक डीजीपी ने साफ तौर पर कहा कि ध्वनि प्रदूषण को काबू करने के लिए मानक तोड़कर ध्वनि यंत्रों को बजने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई की जाए। अभियान चलाकर धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर की ध्वनि नियंत्रित कराई जाए।

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