पब्लिक फर्स्ट । पाकिस्तान ।

पाकिस्तान के उच्च शिक्षा आयोग ने स्कूल-कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में होली समारोह मनाने और खेलने पर रोक लगाने का नोटिस एक दिन में ही वापस ले लिया। इसे बुधवार को जारी किया गया था। इसकी देशभर में कड़ी आलोचना हो रही थी।

प्रधानमंत्री की रणनीतिक सुधार इकाई के प्रमुख सलमान सूफी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री राणा तनवीर हुसैन ने आयोग को अपना विवादास्पद आदेश पत्र वापस लेने का निर्देश दिया था।

शिक्षा आयोग की ओर से गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, आयोग सभी धर्मों का सम्मान करता है और इसका इरादा किसी भी तरह से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं है।

शिक्षा आयोग ने यह आदेश 12 जून की एक घटना के बाद दिया था, जब कायद-ए-आजम यूनिवसिर्टी के छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में होली खेली थी। इसके फोटो और वीडियो भी वायरल हुए थे।

पाकिस्तान की संस्कृति को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी
शिक्षा आयोग ने आगे कहा था- आयोग पर उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार करने की जिम्मेदारी तो है ही, साथ ही पाकिस्तान की संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखना भी जरूरी है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और उनके महत्व को स्वीकार करते हैं, लेकिन धर्म को लेकर मिली यह आजादी एक हद तक ही ठीक है।

मेहरान स्टूडेंट्स काउंसिल ने होली का कार्यक्रम किया था
आयोग ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को ऐसी गतिविधियों में भाग लेने से परहेज करने की सलाह दी थी जो सीधेतौर पर देश की पहचान के उलट हैं। होली का यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के एक गैर-राजनीतिक सांस्कृतिक संगठन मेहरान स्टूडेंट्स काउंसिल ने आयोजित किया था।

मार्च में पाकिस्तान में होली खेलने पर हिंदू छात्रों को पीटा गया था पाकिस्तान में होली पर बवाल को लेकर यह पहली घटना नहीं है। पाकिस्तान की पंजाब यूनिवर्सिटी में 6 मार्च को होली खेल रहे कुछ हिंदू छात्रों पर हमला हुआ था। कट्टर इस्लामिक छात्र संगठन इस्लामी जमीयत तुलबा (IJT) के लोगों ने हिंदू छात्रों के साथ मारपीट की, जिसमें 15 छात्र घायल हो गए थे। 

Publicfirstnews.com

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