मध्यप्रदेश ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक और स्वर्णिम उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिला है। इस उपलब्धि के साथ प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां दस्तावेज़ों का पंजीयन पूरी तरह पेपरलेस और ऑनलाइन हो गया है।

मुख्य उपलब्धि

संपदा 2.0 के जरिए अब नागरिक घर बैठे ई-पंजीयन और ई-स्टॉम्पिंग की सुविधा ले सकते हैं। उन्हें दस्तावेज़ों की रजिस्ट्री कराने के लिए कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। यह प्रक्रिया न केवल तेज और आसान है, बल्कि पूरी तरह पारदर्शी भी है।

राष्ट्रीय सम्मान

  • पुरस्कार: राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार 2025
  • श्रेणी: Government Process Re-engineering by Use of Technology for Digital Transformation
  • सम्मेलन: 28वां नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ ई-गवर्नेंस
  • तारीख और स्थान: 9-10 जून 2025, विशाखापत्तनम

राज्य की विशिष्टता

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने दस्तावेज़ों के पंजीयन की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बना दिया है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा:

“संपदा 2.0 से आमजन का जीवन और आसान, सुगम तथा पारदर्शी हुआ है। अब प्रदेश की जनता घर बैठे अपना पंजीयन करा सकती है। यह मध्यप्रदेश की डिजिटल प्रगति का बड़ा कदम है।”

उन्होंने प्रदेशवासियों और वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी।

publicfirstnews.com

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