छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा से लगे ग्राम आंकुला के गिरला पंचायत कोटपाड़ में नवनिर्मित मां ठाकुरानी मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह चार दिनों तक धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धा के माहौल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में सुकमा जमींदार परिवार के सदस्य कुमार जयदेव और कुमार विजित देव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

समारोह में सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी रही। ग्रामीणों ने खुले वाहन में ग्राम भ्रमण के दौरान कुमार जयदेव और कुमार विजित देव का भव्य स्वागत किया। गांव के लोगों ने अपने घरों के सामने आकर्षक रंगोलियां सजाकर फूलों से स्वागत-सत्कार किया।

मंदिर समिति के पुजारी पंडित मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चार दिनों तक चले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए।

इस अवसर पर कोटपाड़ विधायक रूपु भतरा पूर्व विधायक पद्मिनी ध्यान, चंद्रशेखर मांझी, गीता मांझी, तपन पाणिग्रही, वृंदावन, मथुरा चंद्रमणि गोंडा, राजू रंधारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। साथ ही सुकमा और दंतेवाड़ा मंदिर के सेवादारों एवं बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज के महिला-पुरुषों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।

मुख्य अतिथि कुमार जयदेव ने कहा कि नव निर्मित माता मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा अवसर पर पूजा-अर्चना का सौभाग्य मिलना उनके लिए गर्व और आस्था का विषय है। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा दिए गए सम्मान और स्नेह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर समिति के सहयोग के लिए वे सदैव उपलब्ध रहेंगे।

वहीं विधायक रूपु भतरा ने कहा कि मां ठाकुरानी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बनना सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि माता रानी की कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी।

मंदिर समिति के सदस्य राजू रंधारी ने मंदिर से जुड़ी एक रोचक जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1950-55 के दौरान एक राजस्व अधिकारी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। मां ठाकुरानी मंदिर में प्रार्थना करने के बाद उनकी बीमारी ठीक हो गई, जिसके बाद उन्होंने मंदिर के नाम 14 एकड़ भूमि दर्ज कर दी थी। आज भी उस भूमि का उपयोग मंदिर समिति द्वारा किया जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि यह मंदिर प्राचीन सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध है।

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