पब्लिक फर्स्ट । लखनऊ । राघवेंद्र त्रिपाठी ।
- HIGHLIGHTS FIRST
- राहुल गांधी की नागरिकता पर चुप क्यों है सरकार?
- हाईकोर्ट ने उठाया बड़ा सवाल
- केस किया बंद!
राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता पर देशभर में बवाल मच चुका है, लेकिन इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार की चुप्पी ने रहस्य को और गहरा दिया है ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसी मुद्दे पर दायर याचिका को सिर्फ इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि सरकार तय समय पर रिपोर्ट ही पेश नहीं कर पाई।
राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। भारत के कानून के तहत किसी भी नागरिक को दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। ऐसे में अगर राहुल गांधी के ब्रिटेन की कंपनी में डायरेक्टर रहने के दस्तावेज और खुद को ‘ब्रिटिश’ घोषित करने वाली जानकारी सच है, तो ये गंभीर मामला बनता है।
लेकिन जब यही मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा, तो केन्द्र सरकार से कोर्ट ने जवाब मांगा। सरकार को इस पर रिपोर्ट देनी थी कि राहुल गांधी की नागरिकता पर क्या स्थिति है। लेकिन सरकार बार-बार समय मांगती रही और रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आखिरकार सख्त टिप्पणी करते हुए याचिका खारिज कर दी और कहा कि,
“हम रिपोर्ट के इंतज़ार में याचिका को अनिश्चितकाल तक पेंडिंग नहीं रख सकते।”
अब बड़ा सवाल ये है—क्या सरकार राहुल गांधी की नागरिकता पर जानबूझकर चुप्पी साधे बैठी है ?
- जब सोशल मीडिया से लेकर संसद तक ये मुद्दा गूंज चुका है, तो सरकार ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट क्यों नहीं दी ?
