पब्लिक फर्स्ट। किन्नौर (हिमाचल प्रदेश) । ब्यूरो।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में सोमवार देर रात तांगलिंग नाले में बादल फटने से भीषण बाढ़ आ गई, जिससे इलाके में भारी तबाही मची है। बाढ़ के कारण कई अस्थायी लकड़ी के पुल बह गए हैं और किन्नर कैलाश यात्रा को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि करीब 450 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा रहा है। राहत कार्य में सेना, ITBP और स्थानीय पुलिस बल पूरी तरह जुटे हुए हैं। हालांकि अब तक किसी जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
प्रभावित क्षेत्र और नुकसान:
- तांगलिंग नाले में आई बाढ़ ने आसपास के सेब बागानों और खेतों को भी नुकसान पहुंचाया है।
- राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर भी यातायात प्रभावित है, जिससे परिवहन पूरी तरह बाधित हो गया है।
- प्रशासन ने स्थानीय लोगों को अलर्ट जारी कर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
राहत व बचाव कार्य:
- सेना, आईटीबीपी और पुलिस बल मौके पर मौजूद
- यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी
- क्षेत्र में मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनज़र अलर्ट जारी
प्रशासन की अपील:
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने लोगों से सतर्कता बरतने और नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। यात्रियों को किन्नर कैलाश यात्रा स्थगित होने की सूचना दी जा रही है।
यह घटना पहाड़ी इलाकों में तेजी से बदलते पर्यावरणीय हालात और जलवायु परिवर्तन के कारण पैदा हो रहे प्राकृतिक खतरों की गंभीरता को उजागर करती है।
स्थिति पर नजर:
राहत कार्य जारी हैं और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। किन्नौर के तांगलिंग इलाके में फिलहाल आपदा प्रबंधन टीमों की निगरानी में हालात काबू में लाने की कोशिश की जा रही है।
