प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर लगातार हमले तेज़ कर दिए हैं। शुक्रवार को वाराणसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जगदगुरु रामभद्राचार्य को निशाने पर लेते हुए तीखे बयान दिए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया था, तो उन्होंने सभी आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत किए थे और वे प्रमाण सत्य पाए गए, इसी कारण उन्हें स्वीकार किया गया। उन्होंने कहा कि अब प्रमाण मांगने का समय निकल चुका है और अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना चाहिए।
‘अच्छे हिंदू हैं तो गौ माता को राज्य माता घोषित करें’
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में मुख्यमंत्री और जगदगुरु रामभद्राचार्य गौहत्या बंदी की मांग करने वाले संतों और साधुओं पर चारों ओर से घेरा बनाकर हमले कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“अगर वास्तव में अच्छे हिंदू हैं तो गौ माता को राज्य माता घोषित करें, उत्तर प्रदेश में गोमांस का निर्यात बंद करें। यदि ऐसा नहीं कर सकते तो गेरुआ चोला उतार देना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ दिखावे के लिए भगवा धारण करना और स्वयं को हिंदू बताना पाखंड है।
लखनऊ में जुटेंगे संत, तय होगा कौन असली हिंदू
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे बताया कि पहले सभी संतों के साथ दिल्ली जाने का विचार था, जिसके लिए कंप्यूटर बाबा ने आमंत्रण भी दिया था, लेकिन अब निर्णय बदला गया है।
उन्होंने कहा कि 10 और 11 मार्च को लखनऊ में संत, महंत और आचार्यों का बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें यह तय किया जाएगा कि—
- कौन असली हिंदू है
- कौन हिंदू हृदय सम्राट कहलाने योग्य है
- और किसे नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए
शंकराचार्य के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति और धार्मिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई है। आने वाले दिनों में लखनऊ संत सम्मेलन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
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