उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब एक अधिवक्ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

कमरे में फंदे से लटका मिला शव

जानकारी के अनुसार कुसमरा गांव निवासी अधिवक्ता डी.पी. यादव सदर कोतवाली क्षेत्र के अमन शहीद इलाके में एक कमरे में रहकर वकालत करते थे। शुक्रवार को काफी देर तक कमरे से कोई हलचल न होने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। जब दरवाजा खोलकर देखा गया तो अंदर अधिवक्ता का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मौके से मिला सुसाइड नोट

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में अधिवक्ता ने आकांक्षा नाम की युवती का जिक्र करते हुए लिखा है कि उसने उनके साथ धोखा किया और उनके 11 साल पुराने रिश्ते को तोड़ दिया।

नोट में उन्होंने लिखा कि “तुमने मेरी जिंदगी में आकर मुझे बर्बाद कर दिया। इतना बड़ा धोखा तुम्हें नहीं देना था। मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। मम्मी एक दिन तुम्हें जरूर मान जातीं, लेकिन अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा है।”

सुसाइड नोट के अंत में अधिवक्ता ने अपने परिवार से माफी मांगते हुए लिखा कि “भैया और अम्मा मुझे माफ कर देना, शायद अब मैं इस दुनिया में रहने के लायक नहीं हूं।” साथ ही उन्होंने अपने दोस्तों का भी धन्यवाद किया है।

फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।

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