मनेंद्रगढ़
अंबेडकर जयंती के अवसर पर एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में एसटी-एससी-ओबीसी महासभा द्वारा भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में जिले भर से हजारों की संख्या में लोगों ने सहभागिता की। पूरा शहर नीले रंग में रंगा नजर आया और हर ओर “जय भीम” के नारों की गूंज सुनाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत एक विशाल और आकर्षक रैली के साथ हुई, जिसमें युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। यह रैली मनेंद्रगढ़ शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। रैली में शामिल लोगों के हाथों में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र, संविधान की प्रतिकृति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े बैनर-पोस्टर नजर आए।
रैली का समापन चैनपुर में हुआ, जिसके बाद रानी दुर्गावती भवन में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। इसके पश्चात अतिथियों का पारंपरिक रूप से चंदन तिलक एवं फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, जिला पंचायत सदस्य उदित नारायण सिंह, एसटी-एससी-ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष शरण सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष, त्याग और उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया और शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया। वक्ताओं ने कहा कि आज का लोकतंत्र और मौलिक अधिकार बाबा साहेब के संविधान की ही देन हैं।
वक्ताओं ने उनके बचपन के संघर्षों का भी उल्लेख किया, जब उन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा और शिक्षा के दौरान कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी ताकत बनाया और विश्व स्तर पर पहचान हासिल की।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं, जिसमें बच्चों और युवाओं ने बाबा साहेब के जीवन पर आधारित नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह ने यह संकल्प लिया कि वे बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलेंगे, शिक्षा को बढ़ावा देंगे, समाज में समानता स्थापित करने का प्रयास करेंगे और संविधान की मर्यादा का पालन करते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाएंगे।
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