उत्तर प्रदेश के Hamirpur जिले में प्रशासन ने गैस एजेंसियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नियमों की अनदेखी पर सख्त रुख अपनाया है। मौदहा कस्बे में स्थित मधुपीया गैस सर्विस पर जिला प्रशासन की टीम ने छापेमारी की, जहां जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान एजेंसी के स्टॉक रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध गैस सिलेंडरों की संख्या का मिलान किया गया। अधिकारियों को रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। जांच में करीब 571 गैस सिलेंडरों की गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रशासनिक टीम ने मौके पर एजेंसी के दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर और वितरण व्यवस्था की जांच की। जांच में यह भी पाया गया कि एजेंसी परिसर में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। विशेष रूप से अग्निशमन उपकरणों की अनुपस्थिति ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। गैस एजेंसी जैसे संवेदनशील व्यवसाय में सुरक्षा उपकरणों का न होना बड़ा लापरवाही माना गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एजेंसी संचालक और संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन का कहना है कि गैस वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को प्रभावित कर सकती है।
डीएम Abhishek Goyal ने साफ संदेश देते हुए कहा कि जिले में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी गैस एजेंसियों की नियमित जांच की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सुरक्षित सेवा मिल सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य गैस एजेंसियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रशासन अन्य एजेंसियों पर भी जांच अभियान चला सकता है।
गौरतलब है कि गैस सिलेंडरों की सप्लाई और स्टॉक में गड़बड़ी से उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई को नियमों के पालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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