Author: Public First News

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ी सफलता सामने आई है। जिला बीजापुर में 30 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ के तहत आत्मसमर्पण किया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इन कैडरों पर कुल ₹85 लाख से अधिक का इनाम घोषित था। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस घटनाक्रम को बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया आत्मीय स्वागत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। एयरपोर्ट पर श्री अमित शाह के स्वागत के अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री संतोष पांडेय एवं सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे,…

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शनिवार का दिन बस्तर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। संभाग स्तरीय ‘बस्तर पंडुम 2026’ के शुभारंभ अवसर पर देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर की आदिम संस्कृति का सजीव और जीवंत स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस गरिमामयी अवसर पर बास्तानार क्षेत्र के आदिवासी युवाओं द्वारा प्रस्तुत विश्व-प्रसिद्ध ‘गौर नृत्य’ ने पूरे परिसर को ढोल की थाप और घुंघरुओं की झनकार से गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रपति ने इस मनोहारी प्रस्तुति का तन्मयता से अवलोकन किया और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निकट से महसूस किया। ‘गौर नृत्य’ में दिखी माड़िया…

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DISCLAIMER:यह लेख किसी देवता, ग्रंथ या आस्था के अपमान के लिए नहीं है। यह एक विचारात्मक प्रश्न है— आख़िर हिन्दू क्यों हारता चला गया?और उससे भी बड़ा सवाल—क्या यह हार तलवार की थी या चेतना की? 1) राम अवतार और नारी सम्मान का पहला भ्रम रामकथा में रावण को नारी का अपमान करने वाला बताया गया।लेकिन उसी रावण को—• कभी नीतिज्ञ राजा कहा गया• कभी सुलह योग्य मानकर अंगद भेजा गया• युद्ध के बाद “महान ज्ञानी” बताकर लक्ष्मण को ज्ञान लेने भेजा गया यहाँ सामान्य बुद्धि पूछती है— जिसने स्त्री का अपहरण किया,उसे पहले सेना लेकर घेरो,फिर शांति प्रस्ताव भेजो—यह…

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AI–AGI के युग में मानव चेतना की सबसे बड़ी परीक्षा प्रस्तावना: हम किस ओर बढ़ रहे हैं? हम ऐसे युग में प्रवेश कर रहे हैं जहाँ मशीनें सिर्फ़ औज़ार नहीं रहीं।वे अब निर्णय सुझा रही हैं, भविष्यवाणी कर रही हैं, भावनाओं को पढ़ रही हैं और मानव व्यवहार को समझने लगी हैं। आज सवाल यह नहीं है कि AI क्या कर सकता है? असल सवाल यह है कि हम क्या पूछ रहे हैं — और क्या पूछना बंद कर रहे हैं? इतिहास गवाह है:जहाँ मनुष्य ने सवाल करना छोड़ा, वहीं से गुलामी शुरू हुई — चाहे वह धर्म हो, सत्ता…

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बस्तर की पावन भूमि सदियों से जनजातीय संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत की अनुपम धरोहर रही है। इसी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सजीव रूप देने वाला भव्य जनजातीय महोत्सव “बस्तर पंडुम 2026” बस्तर की आत्मा, अस्मिता और गौरव का प्रतीक बनकर उभरा है। यह महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि बस्तर की पहचान, उसकी परंपराओं और उसके जनजीवन का जीवंत उत्सव है। बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से बस्तर की विविध जनजातीय परंपराओं, लोक संस्कृति और लोकजीवन की अनूठी झलक देखने को मिलती है। इस महोत्सव में जनजातीय शिल्पकला, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, लोक नृत्य-संगीत, पारंपरिक व्यंजन एवं…

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समानता, नारी सशक्तिकरण और शिक्षित समाज की प्रेरक माता रमाबाई आंबेडकर की जयंती पर सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता रमाबाई आंबेडकर ने असमानता, भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ हमेशा दृढ़ता से संघर्ष किया। उनके साहस, समर्पण और दृष्टिकोण ने समाज में बदलाव की राह दिखाई। डॉ. यादव ने अपने संदेश में सभी नागरिकों से अपील की कि हम माता रमाबाई के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाज में समानता, महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा की दिशा में सक्रिय कदम उठाएँ। माता रमाबाई…

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आज छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण देखने को मिला, जब भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट, जगदलपुर पहुंचने पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। उनकी गरिमामयी उपस्थिति बस्तर अंचल सहित समस्त प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है। बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और विरासत को समर्पित इस महोत्सव में माननीय राष्ट्रपति की सहभागिता हम सभी के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन न…

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 7 फरवरी 2026 को आदिवासी संस्कृति के महाकुंभ ‘बस्तर पंडुम-2026’ का भव्य शुभारंभ करेंगी। यह संभाग स्तरीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति उत्सव 7 से 9 फरवरी तक आयोजित होगा। बस्तर पंडुम जनजातीय समाज की जीवनशैली, मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने व प्रदर्शित करने का प्रमुख मंच है। राज्यपाल करेंगे अध्यक्षता, मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमंडल रहेगा मौजूद छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति महोत्सव “बस्तर पंडुम 2026” का शुभारंभ समारोह 7 फरवरी को सुबह 11 बजे जगदलपुर में होगा। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे। विशिष्ट अतिथि…

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निवाड़ी जिले की प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में श्रीरामराजा मंदिर में पदस्थ एक कर्मचारी, पंडित सचिन बबेले, कथित रूप से एक बाइक सवार युवक के साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग घटना को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की आधिकारिक…

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