पब्लिक फर्स्ट। पं. मनीष शर्मा।

प्रहलाद को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लिया था। नृसिंह ने प्रहलाद के पिता हिरण्यकश्यपु तो कर दिया, लेकिन उनका गुस्सा शांत ही नहीं हो रहा था। उस समय शिव जी ने शरभ अवतार लिया था। जानिए शिव जी के शरभ अवतार की कथा…

हिरण्यकश्यपु अपने ही बेटे प्रहलाद को मारने की बार-बार कोशिश कर रहा था। प्रहलाद विष्णु भक्त था और हिरण्यकश्यपु विष्णु जी को शत्रु मानता था, इस कारण वह अपने ही बेटे को मारने की कोशिश करने लगा, लेकिन हर बार विष्णु कृपा से प्रहलाद बच जाता था, लेकिन एक दिन जब हिरण्यकश्यपु की यातनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई, तब विष्णु जी ने नृसिंह अवतार लिया और हिरण्यकश्यपु का वध कर दिया।

विष्णु जी का उग्र अवतार है नृसिंह

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, नृसिंह जी भगवान विष्णु का उग्र अवतार है। हिरण्यकश्यपु को मारने के बाद भी भगवान का गुस्सा शांत नहीं हो रहा था। नृसिंह का उग्र रूप देखकर सभी देवता भी डर गए थे। तब शिव जी ने नृसिंह से भी ज्यादा शक्तिशाली शरभ अवतार लिया था।

ऐसा था शरभ अवतार

शरभ अवतार में भगवान के शरीर का एक भाग शेर का था। दूसरा हिस्सा इंसान का और बाकी शरीर शरभ नाम के एक जानवर का था। शरभ अवतार के आठ पैर, दो पंख, चोंच, एक हजार भुजाएं, माथे पर जटा और चंद्र थे। शरभ अवतार नृसिंह से बहुत अधिक शक्तिशाली और बड़ा था।

शरभ और नृसिंह अवतार में हुआ था युद्ध​​​​​​​

शरभ अवतार ने भगवान नृसिंह से शांत होने की प्रार्थना की, लेकिन जब वे शांत नहीं हुए तो तब शरभ जी ने नृसिंह जी को अपनी पूंछ में लपेट लिया और उड़ गए। इसके बाद इन दोनों देवताओं का युद्ध हुआ था। युद्ध में नृसिंह पराजित हुए और इसके बाद उनका गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद भगवान नृसिंह ने शरभ अवतार से क्षमा मांगी थी।

ये हैं शिव जी के 19 अवतारों के नाम

  1. शरभ अवतार, 2. पिप्पलाद अवतार, 3. नंदी अवतार, 4. भैरव अवतार, 5. अश्वत्थामा, 6. वीरभद्र, अवतार, 7. गृहपति अवतार , 8. ऋषि दुर्वासा, 9. हनुमान. 10. वृषभ अवतार, 11. यतिनाथ अवतार, 12. कृष्णदर्शन अवतार, 13. अवधूत अवतार , 14. भिक्षुवर्य अवतार, 15. किरात अवतार, 16. सुनटनर्तक अवतार, 17. ब्रह्मचारी अवतार, 18. अर्धनारीश्वर अवतार, 19. सुरेश्वर अवतार।

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