पब्लिक फर्स्ट। नई दिल्ली।

भारत के एक बड़े कूटनीतिक कदम ने चीन को बौखला दिया है हालत ये है कि। चीन गुस्से से आग बबूला हो रहा है लेकिन कुछ कर नही पा रहा.दरअसल भारतीय सेना के पूर्व सैन्य अधिकारियों ने आठ अगस्त को ताइवान का दौरा किया। भारत और ताईवान की बढ़ती नज़दीकी ने चीन को तिलमिला दिया है।

आठ अगस्त को भारतीय सेना के 3 पूर्व सैन्य अधिकारियों ने ताइवान का दौरा किया था इस पर चीन ने गुरुवार को कड़ी आपत्ति जाहिर की है दरअसल एक पाकिस्तानी पत्रकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन से इस मामले पर सवाल पूछा इसके जवाब में वेनबिन ने कहा कि हम ताइवान के साथ किसी भी ऑफिशियल बातचीत का विरोध करते हैं।

वेनबिन ने कहा ताइवान को लेकर हमेशा से हमारी यही पॉजिशन रही है हमें उम्मीद है कि भारत भी एक-चीन वाले सिद्धांत को मानेगा और ताइवान से किसी भी तरह का मिलिट्री और सिक्योरिटी सहयोग बढ़ाने से दूर रहेगा द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व एडमिरल करमबिर सिंह जनरल एमएम नरवणे और पूर्व चीफ ऑफ एयर स्टाफ RKS भदौरिया ने ताइवान का दौरा किया था ये ताइवान में हुए इंडो-पैसिफिक सिक्योरिटी डायलॉग में शामिल हुए थे। भारतीय सैन्य अधिकारियों के ताइवान दौरे ने चीन की धमकी को गीदड़ भभकी साबित कर दिया है भारत ने ये बता दिया है कि वो चीन के किसी भी धमकी के आगे झुकेगा नही क्योंकि अब ये नया भारत है ।

publicfirstnews.com

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