मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जगदीशपुर में आयोजित कैबिनेट बैठक मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह बैठक समानता और न्याय की भावना को समर्पित है और इसमें समान नागरिक संहिता (UCC) के ड्राफ्ट पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों से समन्वय स्थापित करते हुए यूसीसी लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समान कानूनी अधिकार और न्याय सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी। जुबानी, एकतरफा और अनौपचारिक तलाक को गैरकानूनी और दंडनीय बनाया जाएगा। साथ ही बहुविवाह पर रोक लगेगी तथा विवाह और तलाक का पंजीयन अनिवार्य होगा।
प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीयन भी अनिवार्य होगा। वहीं जैविक, दत्तक, सरोगेसी और एआरटी (ART) से जन्मे बच्चों को समान कानूनी मान्यता देने का प्रावधान भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित यूसीसी का प्रदेश की जनजातीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और संस्कृति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार ने भरोसा दिलाया कि सभी पारंपरिक सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान और संरक्षण किया जाएगा।
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