मंडला। मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक राहत भरी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। कान्हा प्रबंधन की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते एक घायल तेंदुए की जान बचा ली गई। कई दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर उपचार के लिए मुक्की क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, कान्हा टाइगर रिजर्व के भैसानघाट परिक्षेत्र में गश्ती दल को कुछ दिन पहले एक घायल तेंदुआ जंगल की ओर भागता दिखाई दिया था। सूचना मिलते ही कान्हा प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

घने जंगल और कठिन परिस्थितियों के कारण तेंदुए को तलाशना आसान नहीं था। इसके बावजूद वन विभाग की टीम लगातार कैमरा ट्रैप, पिंजरों और विशेष निगरानी के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। कई दिनों की मेहनत और सतत अनुश्रवण के बाद आखिरकार 12 मई की रात घायल तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

रेस्क्यू के बाद आज क्षेत्र संचालक श्री रविंद्रमणि त्रिपाठी और उप संचालक श्री प्रकाश कुमार वर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे। यहां वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल द्वारा तेंदुए का प्राथमिक उपचार किया गया। बेहतर इलाज और चिकित्सकीय निगरानी के लिए बाद में उसे मुक्की क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसका उपचार कर रही है।
इस पूरे अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कान्हा प्रबंधन केवल वन्यजीव संरक्षण की औपचारिकता नहीं निभाता, बल्कि हर वन्यजीव के जीवन को बचाने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करता है। कान्हा की यह कार्रवाई वन विभाग की सजगता, प्रतिबद्धता और मानवीय सोच की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई है।
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