पब्लिक फर्स्ट। इंफाल।
मणिपुर पुलिस ने मंगलवार को कहा कि हम उन लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने महिला की हत्या का वीडियो वायरल किया है।

पुलिस ने कहा- हमने 24 जुलाई को केस दर्ज किया है। इस वीडियो में बताया गया है कि हथियारबंद लोगों ने मणिपुर में महिला की हत्या की, जबकि यह घटना म्यांमार में हुई थी। वीडियो फैलाने का मकसद राज्य की शांति भंग करना और दंगे भड़काना था।

इसके साथ ही, मणिपुर पुलिस ने में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के केस में सातवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। 19 जुलाई को इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था।

इस बीच, आज मिजोरम में कुकी समुदाय के समर्थन में रैली निकाली जाएगी। इसके समर्थन में ट्रांसपोर्ट सर्विस बंद की गई है और मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने सरकारी दफ्तरों को भी बंद रखने का आदेश दिया है।

मणिपुर सरकार ने असम राइफल्स से पूछा- 2 दिन में 718 म्यांमार के नागरिक कैसे घुस आए

मणिपुर सरकार ने सोमवार देर रात असम राइफल्स से भारत में म्यांमार नागरिकों की घुसपैठ की डिटेल रिपोर्ट मांगी है। सरकार ने असम राइफल्स से पूछा है कि सिर्फ दो दिनों (22-23 जुलाई) में 718 म्यांमार नागरिक बिना पर्याप्त दस्तावेज के भारत में घुस गए। इसमें 209 पुरुष, 208 महिलाएं और 301 बच्चे हैं।

वुमन कमीशन की टीम मणिपुर पहुंची, रेप पीड़ितों से मिलेगी
राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम मंगलवार को मणिपुर पहुंची। वह यहां मैतेई और कुकी समुदाय की रेप पीड़िताओं से मुलाकात करेगी। इससे पहले दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सोमवार को चुराचांदपुर में वायरल वीडियो की सर्वाइवर्स के रिश्तेदारों से मुलाकात की थी।

मणिपुर हिंसा का पहला मृतक 21 साल का छात्र, परिजनों को अब तक शव नहीं मिला

मणिपुर हिंसा में पहली मौत 4 मई 2023 को हुई थी। भास्कर रिपोर्टर सोमवार को इंफाल पहुंचे। पता चला कि हिंसा में पहली मौत 21 साल के स्टूडेंट हंगलालमुआन वैफेई के रूप में हुई। उसे CM बीरेन सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में 4 मई को गिरफ्तार किया गया था।

चुराचांदपुर में जब पुलिस उसे लेकर जेल जा रही थी, तभी रास्ते में 800 लोगों ने गाड़ी को रोक लिया। भीड़ देखकर पुलिसकर्मी भाग गए और भीड़ ने हंगलालमुआन की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

परिजन ने बताया कि पुलिस कह रही है कि वैफेई का शव इंफाल मॉर्चुरी में है, लेकिन हिंसा के बीच हम इंफाल नहीं जा सके। पुलिस से कई बार गुहार के बावजूद अब तक पुलिस ने छात्र का शव नहीं सौंपा है।

मणिपुर ढाई महीने से हिंसा की आग में झुलस रहा है। इसमें अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि 419 लोग घायल हुए हैं।

publicfirstnews.com

Share.

Comments are closed.