उज्जैन में 25-26 मई को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा, लोक गायिका मैथिली ठाकुर सहित कई लोकप्रिय कलाकारों की प्रस्तुति
भोपाल में 27 मई से 2 जून तक सदानीरा समागम, नौ देशों के राजदूत व प्रतिनिधि होंगे शामिल
नदी, तालाब, जल संरचनाओं के संरक्षण को लेकर होंगे विचार-विमर्श

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश जल आत्मनिर्भरता का एक नया इतिहास लिख रहा है। नदी, तालाब, जल संरचनाओं को संरक्षित व संवर्धित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया जल गंगा संवर्धन अभियान व्यापक रूप से आम लोगों की भागीदारी से जन अभियान बन चुका है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 77 हजार 121 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसी क्रम में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा उज्जैन में 25-26 मई को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा की जा रही है। जिसमें लोक गायिका मैथिली ठाकुर सहित कई लोकप्रिय कलाकारों की प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही वीर भारत न्यास द्वारा राजधानी भोपाल में 27 मई से 2 जून तक सदानीरा समागम का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी माननीय मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी।

शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का ये होगा रूट


महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि उज्जैन में गंगा दशमी के अवसर पर होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण आयोजन है। 25 मई को शुरू होने वाली इस परिक्रमा की शुरूआत रामघाट से होकर नृसिंहघाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला महामृत्युंधजय द्वार प्रशांतिधाम शनि मंदिर से दत्तअखाड़ा घाट पहुंचेगी। यात्रा रात्रि विश्राम के बाद गंगा दशमी पर यह परिक्रमा विभिन्न स्थानों रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़ सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम गढ़कालिका, गोपाल मंदिर से होत हुए रामघाट पर पहुंचेगी।

माननीय मुख्यमंत्री जी 300 फीट चुनरी माँ शिप्रा को करेंगे अर्पित

श्रीराम तिवारी ने बताया कि शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के श्रद्धालुओं की उपस्थिति में माननीय मुख्यमंत्रीजी डॉ. मोहन यादव द्वारा 300 फीट की चुनरी माँ शिप्रा को अर्पित की जायेगी।

आकर्षण का केन्द्र होगी भारतीय नौसेना बैंड की प्रस्तुति

उज्जैन में 25-26 मई की तिथियों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पंडित ढोली बुवा द्वारा नारद कथा गायन परंपरा पर हरिकथा 17 मई से प्रतिदिन सायं 7:30 रामघाट पर प्रारंभ हो चुकी है। इसके साथ ही दत्तअखाड़ा घाट पर भजन संध्या में श्रेयश शुक्ला एवं साथी, इंदौर तथा जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल एवं साथियों की प्रस्तुति होगी। इसी क्रम में 26 मई को भारतीय नौसेना का बैंड की प्रस्तुति तथा मुंबई के केशवम् बैंड की भजन जैर्मिंग एवं सुप्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर एवं साथियों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जायेगी।

सदानीरा समागम : जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति और पंचमहाभूतों पर केंद्रित राष्ट्रीय विमर्श

वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि भारत भवन में 27 मई से 2 जून 2026 तक आयोजित होने जा रहे सदानीरा समागम के माध्यम से जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति और पंचमहाभूतों पर केंद्रित राष्ट्रीय विमर्श का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस सात दिवसीय समागम में देश-विदेश के विद्वान, वैज्ञानिक, कलाकार, पर्यावरणविद् और नीति-निर्माता सहभागी होंगे। यह पहली बार हो रहा है जिसमें इसरो, जेके ट्रस्ट, एचयूएल फाउंडेशन, जेके सीमेंट, जेएसडब्ल्यू, टाटा ट्रस्ट, एमडीएल, आईजीआरएमएस, हीरो फ्यूचर एनर्जीस, ओएनजीसी, हिन्दुस्तान पावर, वेदांता ग्रुप, टाटा संस जैसे बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर एक मंच पर आ रहे हो। समारोह में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, वेनेजुएला, मैक्सिको, सूरीनाम, इक्वाडोर, साइप्रस और नेपाल सहित अनेक देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों की सहभागिता इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेगी।

मुख्य अतिथि होंगे माननीय मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का शुभारंभ 27 मई को सायं 7 बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस अवसर पर इसरो हैदराबाद के भू-विज्ञान समूह के समूह निदेशक डॉ. ईश्वर चंद्र दास विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे।

पंचमहाभूत पर विमर्श


श्रीराम तिवारी ने बताया कि सदानीरा समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत-जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि-पर आधारित विभिन्न सत्र आयोजित किये जायेंगे। इन सत्रों में जल संरक्षण, भूगर्भीय जल स्रोत, पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान पर विशेषज्ञ विमर्श करेंगे। देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं जैसे इसरो, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, आईआईएम बोधगया तथा विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों के सीएसआर प्रमुख भी सहभागिता करेंगे।

समारोह में नृत्य-नाटिकाएँ, लोकगायन, रंगमंचीय प्रस्तुतियाँ

समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन नृत्य नाटिकाएँ, लोकगायन, रंगमंचीय प्रस्तुतियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, गोवर्धन लीला, गंगा यात्रा, अमृतमय, नदी गीत, पानी नामा, लघुशंका नगर, जल प्रवाह, नर्मदे हर, स्वानलेक, क्रिटिकल पॉइंट, नर्मदा हर कंकर शंकर…. तथा दक्षिण कोरिया की मूट डांस कंपनी की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहेंगी। साथ ही मालवा,
निमाड, बुंदेलखंड और बघेलखंड की लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दर्शकों को भारतीय लोकजीवन से जोड़ेंगी।

प्रवाह फिल्म समारोह

28 मई ये 2 जून तक जल एकाग्र डाक्यूगड्रामा फिल्मों का प्रदर्शन भारत भवन के अभिरंग में होने जा रहा है। जिसमें जल केन्द्रित हिन्दीस और अंग्रेजी भाषाओं में 15-15 फिल्मों का प्रदर्शन होगा। जिसमें जल संकट, गंगा नदी, जल डाकू, जब हर एक बूंद मायने रखती है, खतरे में नदियाँ, आखिरी बूंद जैसे प्रमुख है।

चित्रांकन कार्यशाला

इस अवसर पर जल, जंगल, जीवन पर केन्द्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला तथा पारंपरिक चित्र शैलियों में जल कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देशभर के कलाकार सहभागी होंगे।

जल केन्द्रित चार प्रदर्शनियाँ

सदानीरा समागम अंतर्गत जल-केंद्रित 4 प्रदर्शनियाँ संयोजित की जा रही है।
जिसमें लघु चित्रों में जल, भूगर्भीय जल स्त्रोत, मध्य प्रदेश में जलगंगा संवर्धन अभियान, जलचर जलीय जीवन के प्राणतत्व शामिल है। जिसमें मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय एवं क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल सहयोगी है।

इन पुस्तकों का होगा लोकार्पण

  1. अंतर्जली यात्रा वीर भारत न्यास, मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्
  2. पुरोवाक्- वीर भारत न्यास
  3. आत्मा की घाटी में पानी का संगीत- प्रेमशंकर शुक्ल
  4. युगयुगीन जल- दिनेश पाठक
  5. जल, संस्कृति और स्थापत्य- राजेश्वर त्रिवेदी
  6. लोक तीर्थ माहात्म्य – डॉ. प्रदीप जिलवाने

सहयोगी संस्थाएँ

भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेस, सेज यूनिवर्सिटी, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी एवं जिला प्रशासन, भोपाल।

(श्रीराम तिवारी)
*न्यासी सचिव
वीर भारत न्यास
निदेशक
महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग

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